नई दिल्ली, 18 अप्रैल (अशोक “अश्क”) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण विधेयक के संसद में न पारित होने पर विपक्ष को जोरदार जवाब दिया है। शुक्रवार को कैबिनेट बैठक में मोदी ने कहा कि विपक्ष ने महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का समर्थन न करके एक बड़ी गलती की है और उसे इसके परिणाम भुगतने होंगे। उनका कहना था कि विपक्ष ने देश की महिलाओं को निराश किया है और यह संदेश हर गांव और हर व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।

यह विवादास्पद विधेयक लोकसभा से पारित करने के लिए दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता थी, लेकिन शुक्रवार को आधी रात तक चली तीखी बहस के बाद यह केवल 298 वोट ही हासिल कर सका। 230 सांसदों ने इसका विरोध किया। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि विपक्ष को इसके परिणामों का सामना करना होगा, और महिलाओं को जवाब देना होगा। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस पर दुख व्यक्त किया कि महिला आरक्षण विधेयक में संशोधन नहीं हो सका, लेकिन साथ ही इसे कांग्रेस और उसके सहयोगियों द्वारा “देश पर बड़ा हमला” करार दिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने विधेयक की हार का जश्न मनाया और बहाने बनाए। भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने भी कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वे महिलाओं से अवसर छीनने का जश्न मना रहे हैं।भा.ज.पा. नेता रवि शंकर प्रसाद ने प्रियंका गांधी वाड्रा की टिप्पणियों की आलोचना करते हुए सवाल उठाया कि इस विधेयक को लेकर राजनीतिक बहस में महिलाओं का “इस्तेमाल” क्यों किया जा रहा है।

अब देखना यह है कि यह विवाद भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक तनाव को और बढ़ाता है या मामला शांत होता है।

















