पटना, 18 अप्रैल (अविनाश कुमार) बिहार के राज्यसभा सांसद और जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नीतीश कुमार ने शुक्रवार को एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए अणे मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास को छोड़ दिया। वह अपने बेटे निशांत कुमार के साथ इलेक्ट्रिक कार से मुख्यमंत्री आवास से रवाना हुए। इस पल को देखकर मुख्यमंत्री आवास के सभी कर्मियों की आंखों में आंसू थे, और नीतीश कुमार ने सभी से प्रणाम कर इसे अलविदा कहा।

अब नीतीश कुमार सात, सर्कुलर रोड स्थित अपने नए सरकारी आवास में रहेंगे, जिसे उन्होंने खुद अपनी निगरानी में तैयार करवाया था। 12 साल बाद लौटे उसी बंगले में नीतीश कुमार के लिए यह कदम विशेष महत्व रखता है, क्योंकि 2014 के बाद यह पहला मौका है जब उन्होंने मुख्यमंत्री आवास को छोड़ा है। 2014 में जब नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था और जीतन राम मांझी को बिहार का मुखिया बनाया था, तब उन्होंने अणे मार्ग स्थित सीएम हाउस छोड़ दिया था।

उसी समय सात सर्कुलर रोड को अपना नया ठिकाना बना लिया था। अब करीब 12 साल बाद वह फिर से उसी बंगले में लौटे हैं, जिसे उन्होंने अब अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया है। राजनीतिक यात्रा का नया अध्याय नीतीश कुमार की राजनीतिक यात्रा 40 साल से भी ज्यादा पुरानी है। उन्होंने 16 मार्च को राज्यसभा सदस्य के रूप में निर्वाचित होने के बाद 30 मार्च को विधान परिषद् सदस्य के रूप में इस्तीफा दिया था। 14 अप्रैल को उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया और अब राज्यसभा सांसद के रूप में अपनी नई भूमिका में कार्यरत हैं।

नीतीश कुमार के लिए यह परिवर्तन महज एक पद का बदलना नहीं, बल्कि एक नए राजनीतिक अध्याय की शुरुआत है। अब मुख्यमंत्री आवास में सम्राट चौधरी रहेंगे, और नीतीश कुमार का नया ठिकाना सर्कुलर रोड पर तैयार हो चुका है, जो बिहार की राजनीति में एक और बड़ा मोड़ साबित हो सकता है।















