नई दिल्ली, 17 अप्रैल (अशोक “अश्क”) प्रवासी भारतीयों के लिए भारत सरकार ने OCI कार्ड से जुड़े नियमों में बड़ा और राहतभरा बदलाव किया है। 1 अप्रैल 2026 से लागू नई व्यवस्था के तहत अब विदेशी नागरिकों को भारत से आवेदन करने के लिए 6 महीने तक रुकने की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। 8 अप्रैल को जारी स्पष्टीकरण के बाद यह साफ हो गया है कि पात्र व्यक्ति भारत पहुंचते ही OCI कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं।

सरकार के इस फैसले को वैश्विक भारतीय समुदाय के लिए बड़ी सुविधा माना जा रहा है। पहले भारत में साधारण निवास साबित करने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था, जिससे प्रक्रिया जटिल हो जाती थी। फीस ढांचे में भी बदलाव किया गया है। भारत में नया आवेदन अब ₹15,000 में होगा, जबकि विदेश में इसकी फीस 275 अमेरिकी डॉलर तय की गई है। कार्ड में बदलाव या 20 साल के बाद री-इश्यू के लिए 25 डॉलर शुल्क लगेगा। वहीं, खोए या क्षतिग्रस्त कार्ड के लिए 100 डॉलर का भुगतान करना होगा।

पासपोर्ट अपडेट में देरी पर 25 डॉलर लेट फीस भी देनी होगी।डिजिटल प्रक्रिया को बढ़ावा देते हुए अब OCI कार्डधारकों के लिए Digital e-Arrival Card अनिवार्य कर दिया गया है। यानी अब कागजी फॉर्म की व्यवस्था पूरी तरह खत्म हो गई है। इसके साथ ही PIO कार्ड को वैध यात्रा दस्तावेज के रूप में भी समाप्त कर दिया गया है। बच्चों और विदेशी जीवनसाथी के नियमों में भी सख्ती और स्पष्टता लाई गई है। बच्चों के लिए जन्म प्रमाण पत्र का अपोस्टिल जरूरी होगा, जबकि कुछ मामलों में उन्हें वेरिफिकेशन सेंटर जाने से छूट मिल सकती है।

विदेशी जीवनसाथी को हर पासपोर्ट नवीनीकरण पर अपनी जानकारी ऑनलाइन अपडेट करनी होगी। सरकार का कहना है कि इन बदलावों से प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और पूरी तरह डिजिटल बनेगी, जिससे दुनिया भर के भारतीय मूल के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
















