पटना, 18 अप्रैल (अविनाश कुमार) बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को अपनी कार्यप्रणाली की शुरुआत तेज़ी से करते हुए जनता दरबार में आम लोगों से सीधे संवाद किया। मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनका तीसरा जनता दरबार था, जहां उन्होंने न केवल अपनी कार्यशैली से लोगों का दिल जीता, बल्कि एक घटना ने उन्हें सोशल मीडिया पर भी सुर्खियों में ला दिया। शुक्रवार को जब सम्राट चौधरी जनता दरबार में पहुंचे, तो उन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जमा थे। खासकर अल्पसंख्यक समुदाय के लोग गमछा और बुके लेकर मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे।

सम्राट चौधरी ने मुस्कुराकर उनका अभिवादन स्वीकार किया। हालांकि, जब उन लोगों ने उन्हें टोपी पहनाने की कोशिश की, तो सम्राट चौधरी ने विनम्रता से इसे मना कर दिया। हाथ जोड़ते हुए उन्होंने उस व्यक्ति से टोपी पहनने का आग्रह स्वीकार नहीं किया और बाद में वह टोपी सुरक्षा कर्मियों के पास दे दी। इसके बाद, सम्मानित अल्पसंख्यक समाज के लोग मुख्यमंत्री को चादर ओढ़ाकर उनका स्वागत करते हुए सम्मानित किया, जिसे सम्राट चौधरी ने हाथ जोड़कर स्वीकार किया।

यह पूरा घटनाक्रम सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिस पर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का यह सादगीपूर्ण और विनम्र व्यवहार सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। कुछ लोगों ने इसे उनके राजनीति में नए दृष्टिकोण का प्रतीक माना, जबकि अन्य ने इसे सामाजिक संवेदनशीलता के तौर पर सराहा।

यह घटनाक्रम बिहार की राजनीति में एक नई दिशा का संकेत देता है, जहां मुख्यमंत्री अपनी आम जनता से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को सुनने का काम कर रहे हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सम्राट चौधरी की इस कार्यशैली से राज्य में क्या बदलाव आता है।















