पटना, 30 मार्च (अविनाश कुमार ) बिहार के पूर्वी चंपारण जिले की रहने वाली 9वीं कक्षा की छात्रा आराध्या सिंह ने अपनी अद्भुत प्रतिभा और आधुनिक तकनीक के कुशल उपयोग से एक ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। महज 14 वर्ष की उम्र में आराध्या ने धार्मिक ग्रंथ हनुमान चालीसा का दुनिया की 234 अलग-अलग भाषाओं में अनुवाद कर एक अनोखा रिकॉर्ड स्थापित किया है।

पटना स्थित सेंट कैरेंस स्कूल की छात्रा आराध्या ने यह उपलब्धि मात्र छह महीनों में हासिल की। अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए उन्होंने आधुनिक तकनीकी साधनों का सहारा लिया, जिसमें गूगल ट्रांसलेट और अन्य डिजिटल टूल्स शामिल हैं। आराध्या का कहना है कि उनका उद्देश्य सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति को वैश्विक स्तर पर फैलाना है। इसी सोच के साथ उन्होंने इस पवित्र ग्रंथ को विभिन्न भाषाओं में अनुवाद करने का संकल्प लिया।आराध्या ने न केवल मैथिली, भोजपुरी, संस्कृत, मराठी और पंजाबी जैसी भारतीय भाषाओं में अनुवाद किया, बल्कि कोरियाई, जापानी, स्पेनिश, पुर्तगाली, ग्रीक और लैटिन जैसी जटिल अंतरराष्ट्रीय भाषाओं में भी इसे प्रस्तुत किया। उन्होंने इस परियोजना की शुरुआत पिछले वर्ष छठ महापर्व के दौरान की थी, जो अब एक बड़ी उपलब्धि के रूप में सामने आई है।इस असाधारण उपलब्धि के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद अनुराग ठाकुर ने आराध्या को सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि आराध्या ने तकनीक का सदुपयोग कर न केवल अभिनंदनीय कार्य किया है, बल्कि युवाओं को नवाचार और आधुनिक तकनीक के माध्यम से अपनी पहचान बनाने के लिए प्रेरित किया है।आराध्या की यह सफलता आज के युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गई है।














