गोरखपुर, 23 अप्रैल (अंकित यादव) उत्तर प्रदेश में जमीन विवादों को लेकर बड़ा एक्शन प्लान तैयार हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ शब्दों में अधिकारियों को निर्देश दिया है कि किसी भी कीमत पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति की जमीन उसी के पास रहनी चाहिए, और यदि किसी की जमीन पर दबंगों ने कब्जा किया है तो उसे तत्काल मुक्त कराया जाए और दोषियों को कड़ा कानूनी सबक सिखाया जाए।

गुरुवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने खुद लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनीं। महंत दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार के बाहर कुर्सियों पर बैठे फरियादियों तक पहुंचकर उन्होंने एक-एक कर करीब 200 लोगों से मुलाकात की और उनकी शिकायतों को गंभीरता से लिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जमीन से जुड़े विवादों के निस्तारण के लिए विशेष टीमें गठित की जाएं, ताकि मामलों का त्वरित और निष्पक्ष समाधान हो सके।

उन्होंने दोहराया कि सरकार किसी भी नागरिक के साथ अन्याय नहीं होने देगी और हर पीड़ित को न्याय दिलाना उसकी प्राथमिकता है।जनता दर्शन में कई लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग लेकर भी पहुंचे थे। इस पर मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार इलाज के लिए हर संभव मदद देगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मरीजों के इलाज से संबंधित इस्टीमेट की प्रक्रिया जल्द पूरी कर शासन को भेजी जाए, ताकि समय पर सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

पुलिस से जुड़े मामलों पर भी मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि सभी शिकायतों का निस्तारण पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशील व्यवहार अपनाने और हर पीड़ित की मदद सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। योगी आदित्यनाथ के इस कड़े रुख के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है। अब देखना होगा कि इन सख्त निर्देशों का जमीन पर कितना असर दिखता है और दबंगों पर लगाम कितनी प्रभावी साबित होती है।

















