• Home
  • राज्य समाचार
  • बंगाल में कांग्रेस का तीस साल बाद बड़ा दांव: हर सीट पर दावेदारी, पर जमीन पर कार्यकर्ता गायब
Image

बंगाल में कांग्रेस का तीस साल बाद बड़ा दांव: हर सीट पर दावेदारी, पर जमीन पर कार्यकर्ता गायब

कोलकाता, 11 अप्रैल (कोलकाता डेस्क) पश्चिम बंगाल की सियासत में कांग्रेस ने दशकों बाद बड़ा राजनीतिक जोखिम उठाते हुए खुद को फिर से विकल्प के तौर पर पेश किया है। करीब 30 वर्षों बाद पार्टी सभी सीटों पर चुनाव लड़ रही है, लेकिन जमीनी हकीकत उसकी रणनीति पर सवाल खड़े कर रही है। कई इलाकों में उम्मीदवार तो घोषित हो गए हैं, मगर चुनावी वादों को जनता तक पहुंचाने के लिए कार्यकर्ताओं की भारी कमी सामने आ रही है।

दरअसल, जिन सीटों पर लंबे समय से वामदल और तृणमूल कांग्रेस का वर्चस्व रहा है, वहां कांग्रेस पहली बार मजबूती से उतर रही है। 2021 के विधानसभा चुनाव में महज 3 फीसदी वोट शेयर के साथ खाता तक नहीं खोल पाने वाली कांग्रेस इस बार बेहद सावधानी से कदम बढ़ा रही है। पार्टी का मुख्य फोकस अपने पारंपरिक गढ़ मालदा, मुर्शिदाबाद और उत्तरी दिनाजपुर पर है। बहरामपुर सीट से वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी को मैदान में उतारा गया है, जबकि मालदा की मालतीपुर सीट से मौसम नूर को टिकट दिया गया है।

कांग्रेस को उम्मीद है कि सभी सीटों पर चुनाव लड़ने से उसका वोट प्रतिशत बढ़ेगा और संगठन को पुनर्जीवित करने का मौका मिलेगा। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी कुछ सीटें जीतकर ही अपने पुनर्गठन की शुरुआत कर सकती है।उधर, शीर्ष नेतृत्व मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के प्रचार कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जा रहा है। खास बात यह है कि राहुल गांधी ने 2021 और 2024 में बंगाल में प्रचार नहीं किया था।राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए कांग्रेस संतुलन साधने की कोशिश में है। ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस ‘इंडिया’ गठबंधन का हिस्सा है, ऐसे में कांग्रेस नहीं चाहती कि उसकी मौजूदगी से सहयोगी दल को नुकसान पहुंचे। बंगाल में भाजपा और तृणमूल के बीच बढ़ती सीधी टक्कर के बीच कांग्रेस का यह दांव कितना कारगर होगा, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।

Releated Posts

लखनऊ से चिराग का सियासी धमाका: 403 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान, मिशन-2027 का किया शंखनाद

पटना, 06 जुलाई (पटना डेस्क) लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने…

झारखंड में 8 लाख राशन कार्ड पर लटक गई तलवार, सरकार की बड़ी कार्रवाई से मचा हड़कंप

रांची, 23 जून (मोहन शर्मा) झारखंड में लाखों राशन कार्डधारियों के लिए बड़ी खबर है। राज्य सरकार ने…

वन भूमि के पेंच में फंसा असुरन-पिपराइच फोरलेन: खजनी में जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया तेज, समय पर पूरा होना मुश्किल

गोरखपुर, 20 जून (अंकित यादव) बहुप्रतीक्षित असुरन-पिपराइच फोरलेन परियोजना वन भूमि और अधिग्रहण संबंधी अड़चनों में उलझती नजर…

खामोश हुआ मांड का सुरमयी स्वर: लोकगायिका गवरी देवी का 98 वर्ष की उम्र में निधन, कला जगत में शोक की लहर

पटना, 12 जून (पटना डेस्क) राजस्थान की लोकसंस्कृति को देश-दुनिया में नई पहचान दिलाने वाली प्रसिद्ध ‘मांड’ गायिका…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top