पटना, 23 अप्रैल (अविनाश कुमार) बिहार की नई सरकार ने अपने पहले ही कैबिनेट बैठक में बड़े और दूरगामी फैसलों से सियासी और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई इस अहम बैठक में 22 महत्वपूर्ण एजेंडों पर मुहर लगाई गई। बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव समेत कई वरिष्ठ मंत्री मौजूद रहे।सबसे बड़ा फैसला शहरी विकास को लेकर सामने आया है। सरकार ने 11 प्रमुख शहरों में ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना को मंजूरी दे दी है।

इसके तहत पटना, गया, दरभंगा और मुजफ्फरपुर समेत अन्य शहरों में तय क्षेत्रों के भीतर जमीन की रजिस्ट्री और निर्माण पर तत्काल रोक लगा दी गई है। सरकार का उद्देश्य अनियोजित शहरी विस्तार पर लगाम लगाना और भू-माफियाओं पर सख्ती करना है। महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पुलिस आधुनिकीकरण के लिए 66.75 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसके तहत 1,500 महिला पुलिसकर्मियों को स्कूटी और 3,200 जवानों को मोटरसाइकिल दी जाएगी, ताकि संकरी गलियों में भी त्वरित कार्रवाई संभव हो सके।

वहीं, पटना के राजीव नगर में अत्याधुनिक पुलिस डेटा सेंटर बनाने के लिए 172.80 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बाबा हरिहरनाथ मंदिर को काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इस भव्य परियोजना के लिए 680 करोड़ रुपये का बजट पास किया गया है, जिससे सोनपुर को वैश्विक धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर लाने की तैयारी है। युवाओं के लिए भी बड़ा फैसला लेते हुए सरकार ने 75 आईटीआई संस्थानों को 3,615 करोड़ रुपये की लागत से विश्वस्तरीय बनाने का ऐलान किया है।

साथ ही आईआईटी पटना में रिसर्च पार्क और इंक्यूबेशन सेंटर खोलने को मंजूरी दी गई है।इसके अलावा, 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए घर-घर पंजीकरण सुविधा शुरू करने का भी निर्णय लिया गया है। सरकार का दावा है कि ये फैसले बिहार के विकास को नई रफ्तार देंगे।















