पटना, 23 अप्रैल (पटना डेस्क) बिहार में इस बार गर्मी ने अप्रैल महीने में ही खौफनाक तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। हालात ऐसे हैं मानो मई-जून की झुलसाने वाली गर्मी समय से पहले ही दस्तक दे चुकी हो। बुधवार को बक्सर में पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जिससे लोगों का घर से निकलना तक मुश्किल हो गया है।मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले दिनों में तापमान में कम से कम 2 डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ोतरी हो सकती है।

अगर ऐसा हुआ तो अप्रैल महीने के पुराने रिकॉर्ड टूट सकते हैं। गौरतलब है कि अप्रैल में अब तक का सबसे अधिक तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस वर्ष 2016 में दर्ज किया गया था, लेकिन इस बार महीने के खत्म होने से पहले ही पारा उस स्तर के बेहद करीब पहुंच गया है।राजधानी पटना समेत राज्य के करीब 10 जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया है। इसे देखते हुए भारतीय मौसम विभाग ने कई जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। विभाग का कहना है कि अगले तीन दिनों तक उत्तर-पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-मध्य बिहार में लू चलने की पूरी संभावना है।

गया में 42.2 डिग्री और रोहतास में 42.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया है, जो सामान्य से काफी अधिक है। विशेषज्ञों के अनुसार, पछुआ हवाओं के कारण गर्मी और भी तीखी महसूस हो रही है। कुछ इलाकों में इन हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।मौसम विभाग ने साफ कर दिया है कि फिलहाल अगले सात दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है।

पटना में अधिकतम तापमान 41 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है, जिससे हीटवेव जैसी स्थिति और गंभीर हो सकती है। प्रशासन ने लोगों से दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और सतर्क रहने की अपील की है, क्योंकि यह गर्मी अब जानलेवा रूप ले सकती है।
















