नई दिल्ली, 22 अप्रैल (अशोक “अश्क”) देशभर के रेलवे स्टेशनों पर अब स्वच्छता को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। भारतीय रेल ने कचरा प्रबंधन के नियमों को और सख्त करते हुए यात्रियों के लिए नई व्यवस्था लागू कर दी है। अब स्टेशनों पर तीन की जगह चार अलग-अलग कूड़ेदान लगाए जाएंगे, जिनमें यात्रियों को अनिवार्य रूप से कचरा डालना होगा। नई व्यवस्था के तहत कचरे को चार श्रेणियों गीला, सूखा, सैनिटरी और विशेष कचरा में बांटना अनिवार्य कर दिया गया है।

गीले कचरे में खाने के अवशेष और फल के छिलके, सूखे में कागज और प्लास्टिक, सैनिटरी में डायपर व पैड, जबकि विशेष कचरे में खराब दवाएं और बल्ब शामिल होंगे। इससे कचरे का वैज्ञानिक और पर्यावरण के अनुकूल निपटान आसान हो सकेगा।इस नई व्यवस्था की शुरुआत देश के प्रमुख स्टेशनों जैसे प्रयागराज जंक्शन, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, हावड़ा जंक्शन और चेन्नई सेंट्रल से की जा रही है। रेलवे बोर्ड ने 20 अप्रैल को सभी जोनों को निर्देश जारी कर दिए हैं।

दरअसल, एक अप्रैल 2026 से लागू ‘सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2026’ के तहत यह बदलाव किया गया है, जो पुराने 2016 के नियमों की जगह ले चुके हैं। नए नियमों में केवल कचरा इकट्ठा करने के बजाय उसके पुनर्चक्रण और लेगेसी वेस्ट के समयबद्ध निस्तारण पर विशेष जोर दिया गया है।रेलवे परिसरों में अब बल्क वेस्ट जनरेटर जैसे स्टेशन, वर्कशॉप और कैटरिंग यूनिट्स को अपने कचरे का प्रबंधन खुद करना होगा।

वहीं, स्टेशनों या पटरियों के आसपास कचरा फेंकने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी और भारी जुर्माना लगाया जाएगा।रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, इस पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाया जाएगा। साथ ही यात्रियों को जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाए जाएंगे, ताकि ‘स्वच्छ रेल-स्वच्छ भारत’ का लक्ष्य तेजी से हासिल किया जा सके।















