बदायूं, 14 अप्रैल (निशांत शर्मा) जिले के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अब स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं पर प्रीपेड सिस्टम थोपने की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। केंद्र सरकार के ताजा फैसले के बाद अब उपभोक्ता खुद तय करेंगे कि उन्हें प्रीपेड स्मार्ट मीटर चाहिए या पोस्टपेड। इस बदलाव से बिजली उपभोक्ताओं में उत्साह देखा जा रहा है।

दरअसल, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) ने 1 अप्रैल 2026 को नई अधिसूचना जारी करते हुए स्मार्ट मीटर नियमों में अहम संशोधन किया है। नई व्यवस्था के तहत स्मार्ट मीटर लगवाना अब भी अनिवार्य रहेगा, लेकिन सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब उपभोक्ता को भुगतान प्रणाली चुनने की आजादी मिल गई है। नई व्यवस्था के अनुसार, जो उपभोक्ता प्रीपेड सिस्टम पसंद करते हैं, वे पहले रिचार्ज कर बिजली का उपयोग कर सकते हैं। वहीं, पोस्टपेड विकल्प चुनने वाले उपभोक्ताओं को हर महीने के अंत में बिल मिलेगा, ठीक पुराने सिस्टम की तरह। हालांकि, पोस्टपेड में बकाया बिल पर चक्रवृद्धि ब्याज भी देना पड़ सकता है, जिससे समय पर भुगतान जरूरी होगा।

स्मार्ट मीटर की खासियत यह है कि उपभोक्ता अब मोबाइल ऐप के जरिए रियल टाइम में अपनी बिजली खपत देख सकेंगे। इसके अलावा सटीक बिलिंग, आसान ऑनलाइन भुगतान, सोलर पैनल के साथ कनेक्टिविटी और रिचार्ज पर मिलने वाली छूट जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी। राज्य सरकारें भी अपने स्तर पर अतिरिक्त लाभ देने की तैयारी में हैं। बिजली विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि स्मार्ट मीटर केवल खपत मापने का उपकरण है। बिजली दरें हर साल राज्य विद्युत विनियामक आयोग तय करता है, उसी के अनुसार बिल तैयार होता है। इसलिए मीटर बदलने से टैरिफ पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि जब तकनीशियन मीटर बदलने पहुंचे, तो सहयोग करें। ध्यान रहे कि तकनीशियन का काम केवल मीटर लगाना है, वह प्रीपेड या पोस्टपेड विकल्प में कोई बदलाव नहीं कर सकता। यह अधिकार केवल बिजली विभाग के पास सुरक्षित है।

















