कोलकाता, 13 अप्रैल (सेंट्रल डेस्क) असम, केरल और पुडुचेरी में मतदान संपन्न होने के बाद अब देश की नजरें 23 और 29 अप्रैल को होने वाले पश्चिम बंगाल के चुनाव पर टिक गई हैं। राज्य में इस समय ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस की सरकार है, जबकि भारतीय जनता पार्टी मुख्य विपक्ष के रूप में मैदान में है। मुकाबला मुख्यतः इन दोनों दलों के बीच माना जा रहा है, हालांकि कांग्रेस और वामदल भी अपनी खोई जमीन वापस पाने की कोशिश में जुटे हैं।

चुनाव से पहले बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा के राज्यसभा सांसद राधा मोहन दास अग्रवाल ने दावा किया कि जिन राज्यों में मतदान हो चुका है, वहां जनता ने भाजपा की विचारधारा को समर्थन दिया है और असम व पुडुचेरी में पार्टी सरकार बनाने जा रही है। उन्होंने ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे बंगाल की “गरिमा और अस्तित्व के लिए खतरा” बन चुकी हैं और राज्य में लोग डर के माहौल में जी रहे हैं।वहीं राहुल गांधी पर हमला करते हुए अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस को डॉ. अंबेडकर के नाम पर राजनीति करने का अधिकार नहीं है।

उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी की बातों का अब जनता पर कोई असर नहीं रहा। दूसरी ओर कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने भाजपा के दावों को खारिज करते हुए कहा कि बंगाल में भाजपा सरकार नहीं बना पाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान भाजपा बेबुनियाद आरोप लगाती है और जनता को गुमराह करने की कोशिश करती है।इधर तमिलनाडु में चुनावी माहौल के बीच एस. रामदास रैली के दौरान अचानक बेहोश हो गए, जिससे राजनीतिक हलकों में चिंता बढ़ गई है। अब सबकी निगाहें 4 मई पर हैं, जब चुनाव परिणाम तय करेंगे कि बंगाल में सत्ता किसके हाथ आती है।


















