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NEET के नाम पर करोड़ों की ठगी: दिल्ली-एनसीआर में फर्जी एडमिशन गैंग का भंडाफोड़, 18 छात्र रेस्क्यू, बिहार का मास्टरमाइंड गिरफ्तार

नई दिल्ली, 16 मई (अशोक “अश्क”) । NEET-UG 2026 परीक्षा के बीच मेडिकल कॉलेज में एडमिशन दिलाने के नाम पर चल रहे करोड़ों रुपये के हाई-प्रोफाइल ठगी रैकेट का दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने सनसनीखेज खुलासा किया है। गुजरात पुलिस से मिले एक गोपनीय इनपुट के बाद दिल्ली-एनसीआर में चलाए गए बड़े ऑपरेशन में पुलिस ने 18 छात्रों को सुरक्षित रेस्क्यू किया, जबकि गैंग के मास्टरमाइंड समेत चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह मामला पेपर लीक का नहीं बल्कि फर्जी सवालों और एडमिशन के झांसे में फंसाकर की जा रही सुनियोजित ठगी का है।

पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड 50 वर्षीय संतोष कुमार जायसवाल निकला, जो मूल रूप से बिहार का रहने वाला है और दिल्ली के ईस्ट ऑफ कैलाश इलाके में रह रहा था। पुलिस के मुताबिक वह खुद को सोशल मीडिया पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का राष्ट्रीय सचिव बताकर प्रभावशाली छवि बनाता था। उसने कई बड़े नेताओं के साथ तस्वीरें पोस्ट कर अभिभावकों का भरोसा जीतने की कोशिश की थी। संतोष जायसवाल NIFT से पढ़ा हुआ है और बिहार में पैथोलॉजी लैब भी संचालित करता है। मामले की शुरुआत तब हुई जब 2 मई 2026 को सूरत पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत से दिल्ली क्राइम ब्रांच को एक संदिग्ध मोबाइल नंबर की जानकारी मिली। तकनीकी निगरानी और सूरत क्राइम ब्रांच के साथ समन्वय के बाद गैंग की लोकेशन दिल्ली के महिपालपुर एक्सटेंशन में मिली।

इसके बाद करीब 100 होटलों में ताबड़तोड़ छापेमारी की गई। सबसे पहले गुजरात निवासी विनोद भाई भीखा भाई पटेल को दबोचा गया, जिसने पूछताछ में पूरे नेटवर्क का खुलासा कर दिया। जांच में सामने आया कि यह गिरोह मेडिकल अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों से 20 से 30 लाख रुपये तक की डील करता था। टोकन मनी के तौर पर ओरिजिनल मार्कशीट और ब्लैंक चेक जमा कराए जाते थे। इसके बाद छात्रों को गाजियाबाद के फ्लैटों में ले जाकर फर्जी प्रश्नपत्र रटवाए जाते थे ताकि उन्हें लगे कि असली पेपर मिल गया है। पुलिस ने गाजियाबाद के मनीपाल अस्पताल के पास से संतोष जायसवाल को गिरफ्तार किया। इसके बाद एक फ्लैट से 18 छात्रों को रेस्क्यू किया गया। फ्लैट से संत प्रताप सिंह और अख्लाक आलम उर्फ गोल्डन आलम को भी पकड़ा गया। अख्लाक किर्गिस्तान से MBBS कर चुका है और कथित तौर पर पुराने नीट प्रश्नों तथा कोचिंग संस्थानों के सवालों को जोड़कर नकली प्रश्नपत्र तैयार करता था। छापेमारी में 149 पन्नों का फर्जी स्टडी मटेरियल, तीन हस्ताक्षरित ब्लैंक चेक और कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस अब इस रैकेट से जुड़े अन्य नेटवर्क और वित्तीय लेनदेन की जांच में जुटी है।

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