नई दिल्ली, 26 जुलाई (अशोक “अश्क”) अगर आपने आधार कार्ड बनवाने के बाद वर्षों से उसमें कोई बदलाव नहीं कराया है, तो अब सतर्क हो जाइए। आधार में दर्ज जानकारी पुरानी होने पर कई सरकारी और निजी सेवाओं का लाभ लेने में परेशानी आ सकती है। बैंकिंग, टेलीकॉम, शिक्षा और सरकारी योजनाओं से जुड़े कार्यों में आधार की अद्यतन जानकारी अहम भूमिका निभाती है। ऐसे में विशेषज्ञ समय-समय पर आधार विवरण अपडेट कराने की सलाह दे रहे हैं। जानकारी के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति स्थायी रूप से नए पते पर शिफ्ट हो गया है, तो उसे आधार में नया पता दर्ज कराना चाहिए। पता अपडेट नहीं होने की स्थिति में बैंक खाते से जुड़े दस्तावेज, एटीएम कार्ड, लोन से संबंधित पत्राचार और अन्य जरूरी कागजात पुराने पते पर पहुंच सकते हैं, जिससे अनावश्यक दिक्कतें खड़ी हो सकती हैं।

,सीइसके अलावा, आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर बदलने के बाद उसे तुरंत अपडेट कराना भी बेहद जरूरी है। अधिकांश सरकारी और निजी सेवाओं में पहचान सत्यापन के लिए आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर OTP भेजा जाता है। यदि पुराना नंबर दर्ज रहेगा तो OTP प्राप्त नहीं होगा और कई ऑनलाइन सेवाओं का लाभ लेने में बाधा आ सकती है।विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आधार कार्ड में नाम, पिता का नाम, जन्मतिथि या अन्य व्यक्तिगत जानकारी में किसी प्रकार की त्रुटि है, तो उसे जल्द से जल्द ठीक कराना चाहिए। अलग-अलग दस्तावेजों में अलग-अलग जानकारी होने पर बैंक, शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी कार्यालयों में सत्यापन के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

बच्चों के लिए जारी किए जाने वाले ‘चाइल्ड आधार’ को भी समय पर अपडेट कराना आवश्यक है। निर्धारित आयु पूरी होने पर बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट कराया जाता है। वहीं, लंबे समय तक आधार का उपयोग करने वाले लोगों को भी समय-समय पर बायोमेट्रिक विवरण अपडेट कराने की सलाह दी जाती है, ताकि पहचान सत्यापन में किसी प्रकार की समस्या न आए। यदि आधार कार्ड पर लगी पुरानी तस्वीर और वर्तमान चेहरे में काफी अंतर आ गया है, तो फोटो अपडेट कराना भी लाभदायक माना जाता है। बैंकिंग, टेलीकॉम या अन्य सेवाओं में फेस वेरिफिकेशन असफल होने की स्थिति में फोटो और बायोमेट्रिक अपडेट कराना आवश्यक हो सकता है। समय रहते आधार की जानकारी अपडेट रखने से सेवाओं का लाभ तेज, आसान और बिना रुकावट के मिल सकता है।

















