बक्सर, 27 अगस्त (विक्रांत) भाकपा माले कार्यालय, डुमरांव में गुरुवार को इंसाफ मंच (सीपीआईएमएल) की अहम बैठक हुई। बैठक में देश में बढ़ती नफरत, सांप्रदायिक ध्रुवीकरण और मुसलमानों के खिलाफ कथित विभाजनकारी अभियानों पर चिंता जताते हुए लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक संघर्ष को और तेज करने का संकल्प लिया गया।बैठक में वक्ताओं ने कहा कि भाजपा और आरएसएस की नफरत की राजनीति के खिलाफ इंसाफ मंच लगातार आवाज बुलंद करता रहेगा। उन्होंने कहा कि देश की आजादी हिंदू-मुस्लिम एकता, भाईचारे और साझा कुर्बानियों की बदौलत हासिल हुई। भारत की पहचान नफरत से नहीं, बल्कि मोहब्बत, इंसाफ, भाईचारे और संविधान से है।

वक्ताओं ने कहा कि जनता को धर्म और समुदाय के नाम पर बांटने की राजनीति नहीं, बल्कि इंसाफ, बराबरी, रोजगार, शिक्षा और सम्मान चाहिए। संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए सभी लोकतांत्रिक, प्रगतिशील एवं न्यायपसंद ताकतों को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा।बैठक में सांप्रदायिक नफरत और विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ जन-जागरूकता अभियान चलाने तथा सामाजिक सौहार्द मजबूत करने का निर्णय लिया गया। नेताओं ने शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से संविधान, सामाजिक न्याय और भाईचारे की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने की बात कही।

इस दौरान इंसाफ मंच के राज्य सचिव कॉमरेड कयामुद्दीन अंसारी, जिला सचिव कॉमरेड नवीन कुमार, मो. नासिर हसन, जाबिर कुरैशी, महफूज आलम, नगर सचिव कृष्णा राम, भगवान दास और कन्हैया पासवान सहित अन्य नेता मौजूद रहे।बैठक के दौरान “नफरत की राजनीति नहीं इंसाफ और बराबरी चाहिए” तथा “नफरत हारेगी, इंसानियत जीतेगी” जैसे नारों के साथ सामाजिक एकता और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा का संदेश दिया गया।














