समस्तीपुर, 29 अगस्त (हर्षिता “अश्क”) ताजपुर प्रखंड की फतेहपुर पंचायत के वार्ड संख्या-3 स्थित मुसहरी में सरकारी जमीन पर पुस्तैनी रूप से बसे मुसहर परिवारों के घरों को जेसीबी से ध्वस्त किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। भाकपा माले ने प्रशासन की कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पदाधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पार्टी ने प्रभावित भूमिहीन परिवारों को पर्चा, वासभूमि, आवास और पहुंच पथ उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई है। भाकपा माले के प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह और अखिल भारतीय किसान महासभा के प्रखंड अध्यक्ष ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह ने जारी बयान में आरोप लगाया कि सीओ आरती कुमारी के नेतृत्व में अंचल प्रशासन ने बिना पूर्व सूचना दिए सीताराम सदा, बाबूलाल सदा, सितबिया देवी, सुरेश सदा समेत कई परिवारों के घरों पर जेसीबी चलाकर उन्हें बेघर कर दिया।

नेताओं का आरोप है कि यह कार्रवाई कथित तौर पर भूमाफिया के इशारे पर की गई। माले नेताओं ने कहा कि जिस जमीन पर कार्रवाई की गई, वहां किसी सरकारी निर्माण अथवा सार्वजनिक परियोजना के लिए उपयोग संबंधी कोई प्रशासनिक निर्णय नहीं लिया गया है। ऐसे में गरीब और भूमिहीन परिवारों को बेघर करना अन्यायपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी जमीन का रास्ता खोलने के उद्देश्य से प्रशासनिक कार्रवाई का इस्तेमाल किया गया। नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन ने रक्षाबंधन के दिन कार्रवाई की, जब अधिकांश लोग घरों से बाहर थे। स्थानीय लोगों के विरोध के लिए एकजुट होने पर प्रशासनिक अधिकारी और कर्मी घटनास्थल से लौट गए। माले नेताओं ने सवाल उठाया कि यदि कार्रवाई पूरी तरह कानूनसम्मत थी तो विरोध के दौरान अधिकारी घटनास्थल क्यों छोड़कर चले गए।

वीडियो बना रहे लोगों से मोबाइल छीनकर वीडियो डिलीट कराने के आरोप पर भी उन्होंने जवाबदेही तय करने की मांग की। भाकपा माले ने चेतावनी दी कि दलितों, गरीबों और भूमिहीनों को वासभूमि, पर्चा, आवास और पहुंच पथ दिलाने के लिए संघर्ष तेज किया जाएगा। पार्टी ने प्रभावित परिवारों के तत्काल पुनर्वास तथा भूमिहीनों को स्थायी जमीन और आवास उपलब्ध कराने की मांग की है।













