मुजफ्फरपुर, 28 अगस्त (संतोष गुप्ता) प्रस्तावित तिरहुत ग्रीनफील्ड सेटेलाइट टाउनशिप को लेकर प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। टाउनशिप के कोर और विशेष क्षेत्र में जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़े मामलों पर निर्णय लेने के लिए 12 सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। जिलाधिकारी कुमार गौरव को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि बिहार राज्य आवास बोर्ड के कार्यपालक अभियंता सदस्य सचिव होंगे। समिति के गठन से जमीन मालिकों के लंबित आवेदनों के निस्तारण की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।समिति में डीडीसी, डीएफओ, एडीएम, डीएलएओ, डीसीएलआर, सीओ, डीएओ तथा पथ निर्माण विभाग समेत संबंधित विभागों के कार्यपालक अभियंताओं को सदस्य बनाया गया है। जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को भूमि खरीद से जुड़े आवेदनों की जांच, दस्तावेजों के अद्यतीकरण और मामलों को समिति के समक्ष प्रस्तुत करने की विशेष जिम्मेदारी दी गई है।

सरकार की ओर से जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) में प्रत्येक चरण के लिए समय-सीमा भी निर्धारित कर दी गई है। प्राथमिक जांच सात दिनों में, समिति स्तर पर निर्णय एक माह में, अनुमोदन 15 दिनों में तथा भुगतान और निबंधन की प्रक्रिया सात दिनों में पूरी करने का प्रावधान किया गया है।इधर, टाउनशिप क्षेत्र में जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक के बीच कांटी अंचल के बंगरा पट्टी साइन निवासी अनुपमा कुमारी ने आर्थिक परेशानी का हवाला देते हुए अपनी जमीन बेचने की अनुमति मांगी है। उनका कहना है कि पताही स्थित जमीन टाउनशिप क्षेत्र में आने के कारण वे बैंक का 22.50 लाख रुपये का कर्ज चुकाने में असमर्थ हैं। अपर समाहर्ता और जिला अवर निबंधक की अनुशंसा के बाद आवेदन जिला भू-अर्जन पदाधिकारी के स्तर पर प्रक्रियाधीन है।बताया गया कि अब तक 24 से अधिक रैयत जमीन बिक्री के लिए औपचारिक आवेदन कर चुके हैं।

इनके दस्तावेजों का सत्यापन जारी है।परियोजना के तहत करीब 1191 एकड़ कोर क्षेत्र और 20,146 एकड़ विशेष क्षेत्र चिह्नित है। इसके दायरे में उत्तर में पानापुर, दक्षिण में तुर्की, पूर्व में नया बाइपास और पश्चिम में मड़वन तक करीब 68 गांव शामिल हैं। समिति के गठन से अब जमीन बिक्री से जुड़े मामलों पर प्रशासनिक प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है।













