मुजफ्फरपुर, 18 मई (संतोष गुप्ता) बिहार के मुजफ्फरपुर में रविवार शाम रेल सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल देने वाली सनसनीखेज घटना सामने आई। सोनपुर मंडल के मुजफ्फरपुर जंक्शन और रामदयालु नगर स्टेशन के बीच महज डेढ़ घंटे के भीतर वंदे भारत एक्सप्रेस समेत तीन ट्रेनों पर ताबड़तोड़ पथराव किया गया। अचानक हुई इस घटना से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग डर के कारण अपनी सीट छोड़कर कोच के भीतर सुरक्षित जगह तलाशने लगे।जानकारी के अनुसार सबसे पहले ट्रेन संख्या 26501 पाटलिपुत्र-गोरखपुर वंदे भारत एक्सप्रेस को मझौलिया और खबरा इलाके के पास निशाना बनाया गया। तेज रफ्तार ट्रेन पर फेंके गए पत्थरों से तीन कोचों की खिड़कियों के शीशे क्षतिग्रस्त हो गए। घटना के तुरंत बाद यात्रियों ने रेलवे प्रशासन और आरपीएफ को सूचना दी।

वंदे भारत पर पथराव की घटना के कुछ ही देर बाद उसी रेलखंड पर चल रही ट्रेन संख्या 15550 पटना-जयनगर इंटरसिटी एक्सप्रेस और ट्रेन संख्या 14006 लिच्छवी एक्सप्रेस पर भी पत्थर फेंके गए। दोनों ट्रेनों के कई कोचों के शीशे टूटने की सूचना है। लगातार तीन ट्रेनों को निशाना बनाए जाने से रेल यात्रियों में भय और आक्रोश का माहौल है।घटना की सूचना मिलते ही सोनपुर मंडल और रेल सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। आरपीएफ और जीआरपी की टीमें तुरंत सक्रिय हुईं और पूरे इलाके में जांच शुरू कर दी गई। रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारियों के अनुसार वंदे भारत एक्सप्रेस में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि पथराव करने वालों की पहचान की जा सके।

प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि रेलवे ट्रैक किनारे मौजूद कुछ बच्चों ने शरारतन पत्थर फेंके होंगे। हालांकि पुलिस किसी असामाजिक तत्व या सुनियोजित साजिश की संभावना से भी इनकार नहीं कर रही है। जांच इस दिशा में भी की जा रही है कि घटना महज शरारत थी या ट्रेनों को जानबूझकर निशाना बनाया गया। रेल एसपी वीणा कुमारी ने बताया कि मामले में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने साफ कहा कि ट्रेनों पर पत्थरबाजी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी।

















