मुंगेर, 15 जुलाई (प्रभात कुमार) जिले के वासुदेवपुर थाना क्षेत्र के चुरंबा गांव में पिछले पांच दिनों से लगातार हो रही चोरियों से परेशान ग्रामीणों ने आखिरकार खुद मोर्चा संभाल लिया। बुधवार तड़के करीब चार बजे चोरी की नीयत से गांव में घुसे पांच संदिग्ध युवकों को ग्रामीणों ने चारों ओर से घेरकर रंगेहाथ पकड़ लिया। गुस्साए लोगों ने उनकी जमकर घेराबंदी की और बाद में सभी को पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कई चोरी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है, जिसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।पुलिस के अनुसार, चुरंबा गांव निवासी मु. चांद ने शिकायत दर्ज कराई थी कि दो दिन पहले उनके घर की अलमारी तोड़कर सोने-चांदी के पुश्तैनी गहने और 45 हजार रुपये नकद चोरी कर लिए गए थे।

पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों मु. रेहान, मु. सन्नी, मु. रिंकू, मु. हामिद और मु. नन्हे ने स्वीकार किया कि चोरी किए गए गहनों को पूरबसराय के एक स्वर्ण व्यवसायी अशोक स्वर्णकार को बेच दिया गया था। आरोपियों ने यह भी बताया कि गहने बेचने से मिली रकम जुए में हार गए। जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के आपराधिक इतिहास से जुड़े कई अहम सुराग भी मिले हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी मु. नन्हे के खिलाफ दिल्ली में भी गंभीर आपराधिक मामला दर्ज है। उस पर ड्यूटी के दौरान सो रहे एक पुलिसकर्मी की सरकारी पिस्टल चोरी करने का आरोप है, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने उसे मुंगेर से गिरफ्तार किया था। वहीं, चोरी का माल खरीदने के आरोपी स्वर्ण व्यवसायी के खिलाफ भी विभिन्न स्थानों पर पूर्व से कई आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस को मिली है।

घटना के बाद वासुदेवपुर थाना पुलिस ने पीड़ित के आवेदन पर पांचों आरोपियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस अब उनकी निशानदेही पर चोरी गए गहनों की बरामदगी और पूरे गिरोह के नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। वासुदेवपुर के थानाध्यक्ष अजय कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। फरार आरोपियों और चोरी के माल की बरामदगी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। ग्रामीणों की सतर्कता से एक सक्रिय चोरी गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जिससे क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है।















