मुजफ्फरपुर, 15 जुलाई (संतोष गुप्ता) जिले के प्रशासनिक इतिहास में पहली बार एक महिला ने जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) की कमान संभाल ली है। करीब 52 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद प्रियंका सिन्हा ने जिले की 38वीं जिला परिवहन पदाधिकारी के रूप में पदभार ग्रहण किया। उनकी नियुक्ति को प्रशासनिक व्यवस्था में एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।जिला परिवहन कार्यालय के अभिलेखों के अनुसार, वर्ष 1973 में आर.एन. झा मुजफ्फरपुर के पहले जिला परिवहन पदाधिकारी बने थे। तब से लेकर अब तक इस महत्वपूर्ण पद पर केवल पुरुष अधिकारियों की ही तैनाती होती रही। अब पहली बार किसी महिला अधिकारी के हाथों में परिवहन विभाग की जिम्मेदारी सौंपे जाने से नया इतिहास रच गया है।

प्रियंका सिन्हा इससे पहले गोपालगंज जिले के हथुआ में अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के पद पर कार्यरत थीं। वह मूल रूप से नालंदा जिले की निवासी हैं और प्रशासनिक सेवा में अपनी कार्यकुशलता, अनुशासन तथा जनहित से जुड़े कार्यों के लिए पहचान रखती हैं।पदभार ग्रहण करने के बाद प्रियंका सिन्हा ने स्पष्ट किया कि उनकी पहली प्राथमिकता आम नागरिकों और वाहन मालिकों को पारदर्शी, सरल और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना होगी। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग से संबंधित सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे किए जाएंगे। साथ ही कार्यालय में जवाबदेही, पारदर्शिता और कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने नई डीटीओ का स्वागत करते हुए उनसे बेहतर कार्यसंस्कृति और जनहितकारी पहल की उम्मीद जताई है। वहीं, जिले के लोगों का मानना है कि महिला नेतृत्व से विभाग में नई ऊर्जा और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा। मुजफ्फरपुर में पहली महिला डीटीओ की नियुक्ति को महिला सशक्तीकरण की दिशा में भी एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनकेंद्रित बनेगी, जिससे आम लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।












