नालंदा, 14 जुलाई (अविनाश पांडेय) जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए मंगलवार को जिला पदाधिकारी उदिता सिंह की अध्यक्षता में पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़क सुरक्षा, शराबबंदी कानून के कड़ाई से पालन, अवैध खनन पर रोक तथा लंबित सरकारी मामलों के शीघ्र निष्पादन को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए। डीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों एवं दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में विशेष हेलमेट जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़े और दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सके। मद्यनिषेध विभाग की समीक्षा करते हुए डीएम ने शराब तस्करों और माफियाओं के खिलाफ व्यापक छापेमारी अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने थानों एवं उत्पाद विभाग को जब्त शराब का शीघ्र विनष्टीकरण करने तथा जब्त वाहनों की नीलामी प्रक्रिया में तेजी लाने के आदेश दिए, ताकि लंबित मामलों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि शराबबंदी कानून के उल्लंघन करने वालों के खिलाफ किसी भी स्तर पर नरमी नहीं बरती जाएगी।

जिला खनन टास्क फोर्स की समीक्षा के दौरान डीएम ने बालू और मिट्टी के अवैध खनन, परिवहन तथा भंडारण पर पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से नियमित छापेमारी कर अवैध खनन में संलिप्त लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई, वाहनों की जब्ती और जुर्माना वसूली सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही अवैध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने का भी निर्देश दिया। बैठक के समापन पर जिला पदाधिकारी उदिता सिंह ने सभी विभागों के अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहकर योजनाओं और अभियानों की नियमित निगरानी करने तथा आम जनता से जुड़े कार्यों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता जनता को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना और कानून का प्रभावी पालन सुनिश्चित करना है।














