नालंदा, 19 अप्रैल (अविनाश पांडेय) 18 अप्रैल 2026 को नालंदा प्रशासन ने कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ने के संकेत दिए। जिलाधिकारी कुंदन कुमार और पुलिस अधीक्षक भारत सोनी की संयुक्त अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में साफ कर दिया गया कि अब जिले में ढिलाई नहीं चलेगी और हर स्तर पर जवाबदेही तय होगी। बैठक का मुख्य फोकस जिले में शांति व्यवस्था को मजबूत करना, अपराध पर लगाम कसना और सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाना रहा।

अधिकारियों ने विभिन्न विभागों के लंबित मामलों, संवेदनशील इलाकों की स्थिति और बढ़ती आपराधिक प्रवृत्तियों पर गहन मंथन किया। जिलाधिकारी ने कड़े निर्देश देते हुए कहा कि सभी पदाधिकारी नियमित निरीक्षण करें और आम लोगों की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें, अन्यथा कार्रवाई तय है। सबसे अहम फैसला यह रहा कि जिला धावा दल के जरिए आरटीपीएस केंद्रों, सदर अस्पताल, निबंधन कार्यालय, माइनिंग विभाग और पीडीएस दुकानों पर लगातार छापेमारी की जाएगी।

लक्ष्य साफ है दलालों और बिचौलियों की पहचान कर उन्हें सिस्टम से बाहर करना। साथ ही, प्रखंड और थाना स्तर पर आने वाले फरियादियों के लिए बेहतर सुविधाएं बैठने की व्यवस्था, पेयजल और शौचालय अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और राजस्व से जुड़े लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने का आदेश भी दिया गया। वहीं पुलिस अधीक्षक ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने, गश्ती तेज करने और असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

बैठक में भ्रष्टाचार पर गहरी चिंता जताते हुए अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि किसी भी स्तर पर शिकायत मिलने पर तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे। इस मौके पर जिले के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

















