पटना, 19 अप्रैल (अविनाश कुमार) बिहार की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। तेज प्रताप यादव अपने अनोखे अंदाज और बयानों के लिए हमेशा चर्चा में रहते हैं, लेकिन इस बार उनका एक सोशल मीडिया पोस्ट राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा रहा है। खुद को महाकाल का सच्चा भक्त बताते हुए उन्होंने विरोधियों को इशारों-इशारों में कड़ी चेतावनी दी है। अपने पोस्ट में तेज प्रताप यादव ने लिखा कि जो सच्चे दिल से महाकाल की भक्ति करता है, उसे कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकता।

उन्होंने एक लोककथा के अंदाज में कहा कि कुछ लोगों ने उनसे दुश्मनी मोल लेने की कोशिश की थी, लेकिन समय ने उन्हें सिखा दिया कि महाकाल के भक्त से टकराना आसान नहीं होता। उनके शब्दों में, “जो महाकाल के भक्त को दुश्मन बनाएगा, वह इस संसार में टिक नहीं पाएगा, क्योंकि उसके साथ स्वयं महाकाल की शक्ति होती है। हर-हर महादेव।”इस बयान के बाद सियासी हलकों में अटकलों का दौर शुरू हो गया है। हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन सोशल मीडिया पर यूजर्स अपने-अपने अंदाज में इसके मायने निकाल रहे हैं। कुछ लोग इसे परिवार के अंदरूनी मतभेदों से जोड़ रहे हैं, तो कुछ इसे राजनीतिक विरोधियों के लिए चेतावनी मान रहे हैं।

पोस्ट के बाद प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है। समर्थकों ने तेज प्रताप को ‘सच्चा शिवभक्त’ बताते हुए उनके बयान का समर्थन किया, वहीं आलोचकों ने इसे आत्मप्रशंसा करार दिया। एक यूजर ने चुटकी लेते हुए लिखा कि “इतनी तारीफ तो इंसान खुद की भी नहीं करता,” जबकि दूसरे ने उन्हें भविष्य का मुख्यमंत्री तक बता डाला।गौरतलब है कि लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव पहले भी अपने धार्मिक और अलग अंदाज के कारण सुर्खियों में रह चुके हैं।

कभी वे कृष्ण रूप में नजर आते हैं तो कभी शिवभक्ति में लीन दिखते हैं। अब सवाल यह है कि इस बयान के पीछे असल संदेश क्या है और निशाना कौन—यह आने वाले दिनों में साफ हो सकता है, लेकिन फिलहाल इस पोस्ट ने बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।















