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मिर्ची ने बदली किस्मत: गोंडा के किसान ने छोड़ी पारंपरिक खेती, अब कमा रहे हैं लाखों का मुनाफा

लखनऊ, 19 अप्रैल (लखनऊ डेस्क) उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के छपिया विकासखंड से एक ऐसी प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जिसने खेती की सोच ही बदल दी है। यहां के प्रगतिशील किसान राम सबद मौर्य ने पारंपरिक धान-गेहूं की खेती छोड़कर हरी मिर्च की खेती अपनाई और आज लाखों रुपये की कमाई कर रहे हैं। राम सबद मौर्य बताते हैं कि सीमित पढ़ाई और आर्थिक तंगी के चलते उन्होंने खेती को ही अपना सहारा बनाया। पहले वे धान और गेहूं उगाते थे, लेकिन इसमें लागत ज्यादा और मुनाफा कम मिलता था।

इसके बाद उन्होंने नई दिशा में कदम बढ़ाते हुए हरी मिर्च की खेती शुरू की। शुरुआत में कुछ मुश्किलें आईं, लेकिन अनुभव बढ़ने के साथ उनकी पैदावार और आमदनी दोनों बढ़ती गई। उन्होंने बताया कि हरी मिर्च की खेती का आइडिया उन्हें पानी संस्थान से मिला। संस्था के मार्गदर्शन में उन्होंने बेड विधि से खेती शुरू की, जिससे लागत कम हुई और उत्पादन बेहतर हुआ। सही समय पर बुवाई, सिंचाई और खाद के संतुलित उपयोग ने उनकी फसल को मजबूती दी।

वर्तमान में वे लगभग एक बीघा जमीन पर सालभर हरी मिर्च की खेती कर रहे हैं। खास बात यह है कि एक बार फसल लगाने के बाद दो साल तक उत्पादन मिलता रहता है। बाजार में हरी मिर्च की लगातार मांग और शादी-ब्याह के सीजन में बढ़ती कीमतों ने उनकी आय को और मजबूत किया है।राम सबद के अनुसार, एक बीघा में करीब 8 से 10 हजार रुपये की लागत आती है, लेकिन मुनाफा कई गुना अधिक होता है।

उन्होंने यूएस वैरायटी की मिर्च लगाई है, जिससे उत्पादन बेहतर मिल रहा है।आज उनकी सफलता आसपास के किसानों के लिए मिसाल बन गई है। मिर्च की खेती से ही उनका परिवार चलता है और बच्चों की पढ़ाई भी इसी कमाई से हो रही है।

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