नई दिल्ली, 19 अप्रैल (अशोक “अश्क”) हवाई यात्रा के दौरान छोटी सी लापरवाही यात्रियों पर भारी पड़ सकती है। सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय नियमों के चलते फ्लाइट में खाने-पीने की चीजों को लेकर सख्त दिशा-निर्देश लागू हैं। अक्सर यात्री अनजाने में ऐसी वस्तुएं अपने बैग में रख लेते हैं, जो जांच के दौरान जब्त कर ली जाती हैं और कई बार जुर्माने या कानूनी परेशानी का कारण बनती है। सबसे अहम नियम तरल पदार्थों को लेकर है। केबिन बैग में 100 मिलीलीटर से अधिक मात्रा में कोई भी लिक्विड ले जाना प्रतिबंधित है।

इसमें सूप, सिरप, जैम, शहद, चटनी, अचार और पैक्ड जूस शामिल हैं। हालांकि बच्चों का दूध और डॉक्टर द्वारा प्रमाणित दवाओं को सीमित शर्तों के साथ अनुमति दी जाती है।वहीं, विमान के बंद और एयर-कंडीशंड माहौल को देखते हुए तेज गंध वाली चीजों पर भी पाबंदी है। कच्चा प्याज, लहसुन, कुछ किस्म की मछली और खासकर डूरियन जैसे फल कई एयरलाइंस में पूरी तरह बैन हैं।

चौंकाने वाली बात यह है कि सूखा नारियल भी केबिन और चेक-इन बैगेज दोनों में प्रतिबंधित है। इसमें मौजूद अधिक तेल इसे ज्वलनशील बनाता है, जिससे आग लगने का खतरा रहता है। अंतरराष्ट्रीय यात्रा के दौरान ताजे फल, सब्जियां, बीज, मांस, पनीर और डेयरी उत्पाद ले जाना सख्ती से मना है।

अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय देशों में इन नियमों का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना या सख्त कार्रवाई हो सकती है।यात्रियों को सलाह दी जाती है कि उड़ान से पहले संबंधित एयरलाइन और देश के नियमों की जानकारी जरूर लें, ताकि यात्रा सुरक्षित और परेशानी मुक्त रहे।


















