पटना, 11 अप्रैल (अविनाश कुमार) बिहार के विकास को नई रफ्तार देने वाली ‘प्रोजेक्ट बुलेट ट्रेन’ अब जमीन पर उतरने की ओर बढ़ रही है। National High Speed Rail Corporation Limited ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए सर्वे टीम का गठन कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, जुलाई-अगस्त से सर्वे शुरू होगा और चालू वित्तीय वर्ष में इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस परियोजना के तहत वाराणसी से Patna होते हुए सिलीगुड़ी तक 744 किलोमीटर लंबा हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाया जाएगा।

बुलेट ट्रेन बिहार के कई अहम जिलों बक्सर, आरा, पटना, मोकामा, बेगूसराय, कटिहार और किशनगंज से होकर गुजरेगी। परियोजना के शुरू होते ही यात्रा का समय नाटकीय रूप से घट जाएगा। पटना से दिल्ली का करीब 1000 किलोमीटर का सफर महज 4 घंटे में पूरा हो सकेगा, जबकि दिल्ली से हावड़ा की दूरी साढ़े 6 घंटे में तय होगी। इस ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 350 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है। करीब 5 लाख करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह परियोजना देश की सबसे बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर योजनाओं में शामिल है।

रेलवे सूत्रों के अनुसार, केवल पटना जिले में ही यह कॉरिडोर 58 गांवों से होकर गुजरेगा। जमीन अधिग्रहण को लेकर राजस्व विभाग ने प्रारंभिक रिपोर्ट भी सौंप दी है। लोगों को भरोसा दिलाया जा रहा है कि ट्रैक के साथ-साथ सड़क निर्माण भी होगा, ताकि स्थानीय आवागमन प्रभावित न हो। बुलेट ट्रेन के लिए विशेष हाई-स्पीड ट्रैक बिछाए जाएंगे, जो पूरी तरह अलग होंगे। वहीं, पटना से सटे बिहटा में संभावित स्टेशन बनाने की तैयारी चल रही है, जिसके लिए करीब 21 एकड़ जमीन की जरूरत बताई गई है। बिहार में ‘बुलेट रफ्तार’ का यह सपना अब हकीकत के करीब नजर आ रहा है।














