
बक्सर, 30 मई (विक्रांत) भारतीय रेल अपने यात्रियों को सुरक्षित, स्वच्छ और उच्च गुणवत्ता वाली खान-पान सेवा उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार नए कदम उठा रही है। इसी कड़ी में दानापुर मंडल ने खाद्य सुरक्षा को लेकर बड़ा अभियान शुरू किया है। यात्रियों को पौष्टिक और गुणवत्तायुक्त भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पटना साहिब एवं राजेंद्र नगर रेलवे स्टेशन पर कार्यरत वेंडरों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने, स्वच्छता मानकों का पालन करने तथा यात्रियों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

दानापुर मंडल के वरीय मंडल वाणिज्य प्रबंधक अभिनव सिद्धार्थ के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन दानापुर मंडल एवं फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) के संयुक्त प्रयास से किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम एफएसएसएआई के राष्ट्रीय स्तर पर चलाए जा रहे ‘ईट राइट’ अभियान के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य लोगों को सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक भोजन के प्रति जागरूक बनाना है। प्रशिक्षण सत्र में वेंडरों को खाद्य सामग्री के सुरक्षित भंडारण, स्वच्छ तरीके से भोजन तैयार करने, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की नियमित जांच, साफ-सफाई बनाए रखने तथा यात्रियों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने संबंधी दिशा-निर्देश दिए गए।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में मिलने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 18 वेंडरों ने भाग लिया। प्रशिक्षण पूरा करने वाले सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाएगा, जिससे उनकी खाद्य सुरक्षा संबंधी दक्षता को औपचारिक मान्यता मिलेगी। कार्यक्रम में सहायक वाणिज्य प्रबंधक (टिकट जांच एवं खान-पान) प्रदीप कुमार, वाणिज्य विभाग के राकेश कुमार तथा एफएसएसएआई की ओर से मुकेश कश्यप उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने वेंडरों को यात्रियों के स्वास्थ्य और विश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश दिया। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि भारतीय रेल यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। खान-पान सेवाओं में गुणवत्ता सुधार का यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा, ताकि यात्रियों को सफर के दौरान सुरक्षित, स्वच्छ और पौष्टिक भोजन मिल सके।


















