नालंदा, 29 मई (अविनाश पांडेय) जिले में संभावित बाढ़ और सुखाड़ 2026 को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। शुक्रवार को नालंदा समाहरणालय स्थित हरदेव सभागार में उप मुख्यमंत्री सह जल संसाधन एवं संसदीय कार्य विभाग के मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति, संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ पूर्व तैयारी तथा जिला नागरिक परिषद की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में विकास योजनाओं की समीक्षा के साथ अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने पीपीटी के माध्यम से जिले में चल रही विकासात्मक एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। प्रभारी मंत्री ने सभी विभागों को सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने का निर्देश देते हुए कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।बैठक में ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, सिंचाई, पेयजल, कृषि, विद्युत और नगर विकास विभागों की योजनाओं की समीक्षा की गई। लंबित योजनाओं को शीघ्र पूरा करने तथा कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया गया।

प्रभारी मंत्री ने जल संसाधन विभाग की समीक्षा के दौरान बाढ़ सुरक्षा, नहरों की सफाई, कटाव निरोधक कार्य और जल संरक्षण योजनाओं में तेजी लाने का निर्देश दिया। अधिकारियों ने बताया कि कई स्थानों पर कटाव निरोधक कार्य पूरे हो चुके हैं, जबकि अन्य जगहों पर कार्य तेजी से जारी है।स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि संभावित बाढ़ को देखते हुए अस्पतालों में आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडारण कर लिया गया है। Snake Venom Anti-serum, Anti Rabies Vaccine और Sodium Dichloroisocyanurate की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। साथ ही अस्पतालों में डॉक्टरों की 24 घंटे ड्यूटी व्यवस्था लागू कर उनके मोबाइल नंबर टीवी स्क्रीन पर प्रदर्शित किए जा रहे हैं।लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग ने जानकारी दी कि जिले में हजारों चापाकलों की मरम्मत कराई गई है और पेयजल संकट से निपटने के लिए टैंकर व त्वरित कार्रवाई दल सक्रिय हैं। वहीं “स्कूल चलें हम” अभियान के तहत 16 हजार से अधिक बच्चों का नामांकन कराया गया है। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने भी क्षेत्रीय समस्याएं उठाईं, जिस पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।














