नालंदा, 29 मई (अविनाश पांडेय) जिला अब स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में पूरे बिहार के लिए मिसाल बनता जा रहा है। संस्थागत प्रसव यानी अस्पताल में डिलीवरी के मामले में जिले ने 82 प्रतिशत उपलब्धि हासिल कर राज्य में पहला स्थान प्राप्त किया है। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट स्थित हरदेव भवन में आयोजित जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक के बाद सूबे के उपमुख्यमंत्री सह नालंदा प्रभारी मंत्री ने प्रेस वार्ता के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नालंदा में विकास कार्यों की रफ्तार संतोषजनक है और स्वास्थ्य विभाग ने बेहतर कार्य कर नई पहचान बनाई है।

जिले में हो रहे नवाचारों की सराहना करते हुए उन्होंने घोषणा की कि अब सरकारी अस्पतालों के प्रवेश द्वार पर डॉक्टरों का ड्यूटी रोस्टर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। इससे मरीजों और उनके परिजनों को यह जानकारी आसानी से मिल सकेगी कि किस समय कौन चिकित्सक ड्यूटी पर मौजूद है। प्रभारी मंत्री ने साफ कहा कि बिना अनुमति ड्यूटी से गायब पाए जाने वाले डॉक्टरों और कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जिलाधिकारी और स्वास्थ्य विभाग की टीम को बधाई भी दी।बैठक में बाढ़ और सुखाड़ की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने कहा कि प्री-मानसून की बारिश किसानों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगी और धान के बिचड़े की तैयारी में मदद मिलेगी।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसानों को जल्द ही निगम के माध्यम से बीज उपलब्ध करा दिए जाएंगे। प्रेस वार्ता के दौरान पावापुरी अस्पताल में एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड सुविधा के अभाव तथा इलाज में लापरवाही से युवक की मौत का मामला भी उठा। इस पर प्रभारी मंत्री ने तत्काल संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को अस्पताल की व्यवस्था सुधारने और आवश्यक सुविधाएं बहाल करने का निर्देश दिया। बैठक में खराब चापाकल, बिजली संकट और जर्जर पुल-पुलिया की समस्याएं भी उठाई गईं, जिस पर संबंधित विभागों को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए गए। कार्यक्रम के बाद उपमुख्यमंत्री ने नवगठित जिला नागरिक परिषद की बैठक कर नागरिक कर्तव्यों और राष्ट्रभक्ति को गांव-गांव तक पहुंचाने की अपील की।














