पटना, 13 अप्रैल (अविनाश कुमार) बिहार में सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा नियम बदलाव लागू हो गया है। नीतीश कुमार की सरकार ने ‘बिहार सरकारी सेवक आचार (संशोधन) नियमावली, 2026’ लागू कर दी है, जिससे कर्मचारियों की गतिविधियों पर खासकर सोशल मीडिया पर सख्त नियंत्रण लगाया गया है। नई नियमावली के तहत अब कोई भी सरकारी कर्मचारी बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा, चाहे वह अपने नाम से हो या छद्म नाम से।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि सरकारी ई-मेल या मोबाइल नंबर का उपयोग निजी सोशल मीडिया अकाउंट बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। नियमों के मुताबिक, कर्मचारियों को सोशल मीडिया पर शालीन भाषा का प्रयोग करना अनिवार्य होगा। किसी भी तरह की भड़काऊ, अश्लील या सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली पोस्ट पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, किसी राजनीतिक दल, व्यक्ति, मीडिया संस्थान या न्यायालय से जुड़े मामलों पर टिप्पणी करना भी वर्जित कर दिया गया है। सरकार ने गोपनीयता को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया है। अब कोई भी कर्मचारी संवेदनशील जानकारी साझा नहीं कर सकेगा।

कार्यस्थल से वीडियो, रील्स या लाइव प्रसारण करने और किसी शिकायतकर्ता के साथ बातचीत को सार्वजनिक करने पर भी पूरी तरह रोक लगा दी गई है।इसके अलावा, कर्मचारियों को अतिरिक्त कमाई के स्रोतों पर भी पाबंदी लगाई गई है। वे अब कोचिंग, वेबिनार या किसी अन्य माध्यम से आय अर्जित नहीं कर सकेंगे और न ही सोशल मीडिया के जरिए किसी उत्पाद या सेवा का प्रचार कर पाएंगे। सरकार का कहना है कि इस कदम से प्रशासनिक अनुशासन मजबूत होगा और सरकारी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता व जवाबदेही बढ़ेगी। नए नियमों के लागू होते ही कर्मचारियों के बीच हलचल तेज हो गई है।















