पटना, 18 मई (पटना डेस्क) बिहार के पंडित दीनदयाल उपाध्याय-गया रेलखंड स्थित सासाराम रेलवे स्टेशन पर सोमवार सुबह बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब प्लेटफॉर्म पर खड़ी सासाराम-आरा-पटना जाने वाली गाड़ी संख्या 53212 डाउन पैसेंजर ट्रेन अचानक आग की लपटों में घिर गई। देखते ही देखते ट्रेन की एक बोगी धधक उठी और पूरे स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी मच गई। यात्री जान बचाने के लिए प्लेटफॉर्म पर इधर-उधर भागने लगे।प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। यात्रियों का कहना है कि इमरजेंसी के दौरान जब आग बुझाने के लिए फायर एक्सटिंग्विशर का इस्तेमाल करने की कोशिश की गई तो कई सिलेंडर खाली निकले।

इतना ही नहीं, प्लेटफॉर्म पर मौजूद पानी की पाइपलाइन भी सूखी पड़ी थी, जिससे शुरुआती समय में आग पर काबू पाने में भारी दिक्कत हुई।लोगों का आरोप है कि यदि रेलवे की आपातकालीन व्यवस्था दुरुस्त होती तो बोगी को पूरी तरह जलने से बचाया जा सकता था। आग तेजी से फैलती देख रेलकर्मियों ने जलती हुई बोगी को ट्रेन से अलग किया, ताकि आग अन्य डिब्बों तक न पहुंचे। बाद में दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।इस हादसे में ट्रेन की एक बोगी पूरी तरह जलकर राख हो गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि घटना के समय बोगी खाली थी और कोई यात्री उसमें मौजूद नहीं था। आरपीएफ निरीक्षक संजीव कुमार ने बताया कि शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, लेकिन वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चन्द्र ने बताया कि घटना सुबह करीब 5:30 बजे प्लेटफॉर्म नंबर छह पर हुई। सूचना मिलते ही 6 बजे प्रभावित बोगी को अलग कर दिया गया और 6:05 बजे फायर ब्रिगेड की मदद से स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में आ गई।घटना के बाद यात्रियों और स्थानीय लोगों में रेलवे प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि यदि ट्रेन चलने के दौरान यह हादसा होता, तो बड़ा जानमाल नुकसान हो सकता था।
















