• Home
  • मुख्य समाचार
  • समस्तीपुर में एग्जाम अलर्ट: 31 केंद्रों पर कड़ी निगरानी, कदाचार पर रहेगा सख्त पहरा
Image

समस्तीपुर में एग्जाम अलर्ट: 31 केंद्रों पर कड़ी निगरानी, कदाचार पर रहेगा सख्त पहरा

समस्तीपुर, 11 अप्रैल (हर्षिता “अश्क”) बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा आयोजित विकास पदाधिकारी प्रतियोगिता परीक्षा को लेकर समस्तीपुर जिले में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। छह दिनों तक चलने वाली यह बड़ी परीक्षा 14, 15, 17, 18, 20 और 21 अप्रैल 2026 को जिले के 31 परीक्षा केंद्रों पर तीन चरणों में आयोजित होगी। प्रशासन ने इसे पूरी तरह निष्पक्ष और कदाचारमुक्त कराने के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली है।

परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार, पहले और दूसरे दिन दो-दो पालियों में सामान्य भाषा और सामान्य अध्ययन की परीक्षा होगी, जबकि अगले दिन एकल पाली में सामान्य योग्यता की परीक्षा आयोजित की जाएगी। यही पैटर्न दूसरे और तीसरे चरण में भी दोहराया जाएगा। सभी अभ्यर्थियों के लिए सुबह 8 बजे रिपोर्टिंग समय तय किया गया है, जिससे समयबद्ध और व्यवस्थित प्रवेश सुनिश्चित किया जा सके। परीक्षा के सफल संचालन के लिए प्रशासन ने सख्त व्यवस्था लागू की है।

अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) राजेश कुमार सिंह को सहायक परीक्षा संयोजक बनाया गया है, जो पूरे संचालन की निगरानी करेंगे।तैयारियों की समीक्षा के लिए समाहरणालय सभागार में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें जोनल दंडाधिकारी, स्टैटिक दंडाधिकारी और सभी केंद्राधीक्षक शामिल हुए। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि परीक्षा हर हाल में शांतिपूर्ण, पारदर्शी और कदाचारमुक्त होनी चाहिए।

विधि-व्यवस्था बनाए रखने और अभ्यर्थियों की सुगम आवाजाही पर विशेष जोर दिया गया।परीक्षा केंद्रों पर वीक्षकों और केंद्राधीक्षकों की नियुक्ति भी तय मानकों के अनुसार की जा रही है। सरकारी स्कूलों और CBSE/ICSE से जुड़े शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाएगी, जबकि BSEB से संबद्ध निजी विद्यालयों में केवल सरकारी पदाधिकारी ही केंद्राधीक्षक होंगे। जरूरत पड़ने पर वीक्षकों की तैनाती रैंडमाइजेशन प्रक्रिया के जरिए की जाएगी। सभी नियुक्त वीक्षकों को 13 अप्रैल से पहले अपने-अपने केंद्रों पर योगदान देना अनिवार्य किया गया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि परीक्षा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सख्त निगरानी और पुख्ता इंतजामों के बीच यह परीक्षा जिले की बड़ी प्रशासनिक परीक्षा के रूप में देखी जा रही है।

Releated Posts

सपनों की मेट्रो पर लगा ब्रेक: मुजफ्फरपुर, गया, दरभंगा और भागलपुर में अटकी परियोजना, दो साल बाद भी नहीं बनी डीपीआर

पटना, 15 जुलाई (अविनाश कुमार) बिहार के चार बड़े शहरों मुजफ्फरपुर, गया, दरभंगा और भागलपुर में प्रस्तावित मेट्रो…

52 साल बाद खत्म हुआ इंतजार: मुजफ्फरपुर को मिली पहली महिला डीटीओ, प्रशासनिक इतिहास में दर्ज हुआ नया अध्याय

मुजफ्फरपुर, 15 जुलाई (संतोष गुप्ता) जिले के प्रशासनिक इतिहास में पहली बार एक महिला ने जिला परिवहन पदाधिकारी…

मौत के मोड़ का होगा अंत: मुजफ्फरपुर के सदातपुर में बनेगा 50 करोड़ का अंडरपास, जाम और हादसों से मिलेगी बड़ी राहत

मुजफ्फरपुर, 15 जुलाई (संतोष गुप्ता) लंबे समय से भीषण जाम और लगातार हो रहे सड़क हादसों के लिए…

सड़क पर हेलमेट नहीं तो कार्रवाई तय: शराब माफिया और अवैध खनन पर डीएम का बड़ा एक्शन, अधिकारियों को सख्त चेतावनी

नालंदा, 14 जुलाई (अविनाश पांडेय) जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए मंगलवार को जिला…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top