समस्तीपुर, 31 मई (हर्षिता “अश्क”) जिले के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को जल्द ही अत्याधुनिक और सुविधाजनक पैथोलॉजी सेवाएं मिलने लगेंगी। राज्य स्वास्थ्य समिति ने पीपीपी मॉडल के तहत सभी सरकारी अस्पतालों में 24 घंटे पैथोलॉजी सेवा शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली है। इसके साथ ही मरीजों को डोर-स्टेप सैंपल कलेक्शन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे जांच के लिए अस्पतालों के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी। नई व्यवस्था के तहत जिले में हब एंड स्पोक मॉडल लागू किया जाएगा। सदर अस्पताल को हब के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां अत्याधुनिक प्रयोगशाला स्थापित होगी।

अनुमंडलीय अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, रेफरल अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्पोक केंद्र के रूप में कार्य करेंगे। यहां से मरीजों के नमूने एकत्र कर जांच के लिए सदर अस्पताल भेजे जाएंगे। परियोजना के संचालन की जिम्मेदारी मेसर्स साइंस हाउस मेडिकल्स प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स सोडानी हॉस्पिटल्स एंड डायग्नोस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड को सौंपी गई है। प्रारंभिक तौर पर यह योजना पांच वर्षों के लिए लागू होगी। सदर अस्पताल में 64 प्रकार की पैथोलॉजी जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए पूर्ण स्वचालित बायोकेमिस्ट्री, हेमेटोलॉजी, इलेक्ट्रोलाइट और यूरिन एनालाइजर सहित कई आधुनिक मशीनें स्थापित की जाएंगी।

सभी जांचों का रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित रखा जाएगा तथा रिपोर्ट तक पहुंच आसान होगी। हालांकि नई योजना के बीच सदर अस्पताल का रक्त जांच केंद्र स्टाफ की भारी कमी से जूझ रहा है। यहां 12 लैब टेक्नीशियन के स्वीकृत पद के विरुद्ध केवल चार कर्मी कार्यरत हैं। प्रतिदिन 130 से 150 जांचों का दबाव होने से रिपोर्ट मिलने में देरी और जांच की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में नई व्यवस्था की सफलता के लिए मानव संसाधन की कमी दूर करना भी बड़ी चुनौती होगी।













