पटना, 02 नवम्बर (सहयोगी संवाददाता विक्रांत) देश के दो प्रमुख आर्थिक और वाणिज्यिक केंद्रों के बीच रेल संपर्क को नई रफ्तार देते हुए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बेंगलुरु से मुंबई के लिए वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी, एच. डी. कुमारस्वामी, रेल राज्य मंत्री वी. सोमन्ना, राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। आधुनिक सुविधाओं से लैस यह ट्रेन यात्रियों को लंबी दूरी की रात्रिकालीन यात्रा का आरामदायक और सुविधाजनक विकल्प प्रदान करेगी।

एसएमवीटी बेंगलुरु और छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी), मुंबई के बीच शुरू हुई यह सेवा पेशेवरों, उद्यमियों, छात्रों, व्यापारियों, पर्यटकों और परिवारों के लिए विशेष रूप से लाभकारी होगी। ट्रेन कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र के प्रमुख शहरों को जोड़ते हुए क्षेत्रीय विकास और आर्थिक गतिविधियों को गति देगी।रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह ट्रेन देश की आईटी और स्टार्टअप राजधानी बेंगलुरु को वित्तीय राजधानी मुंबई से जोड़ेगी। ट्रेन अनंतपुर, गुंतकल, रायचूर, यादगीर, वाडी, कलबुर्गी, सोलापुर, पुणे और कल्याण होकर गुजरेगी।

इससे उत्तर कर्नाटक के उन क्षेत्रों को भी प्रीमियम रेल सेवा का लाभ मिलेगा, जहां अब तक ऐसी सुविधाओं की कमी रही है।उन्होंने घोषणा की कि कर्नाटक के लिए अगली वंदे भारत स्लीपर सेवा बेंगलुरु से शुरू होगी, जो राज्य के उत्तरी हिस्सों को हुबली क्षेत्र के रास्ते पुणे और मुंबई से जोड़ेगी। वहीं, विद्युतीकरण कार्य और सफल परीक्षण पूरा होने के बाद अगले कुछ सप्ताह में बेंगलुरु-मंगलुरु वंदे भारत सेवा शुरू होने की उम्मीद है।रेल मंत्री ने उच्च गति वाले रेल कॉरिडोर के विकास की जानकारी देते हुए कहा कि बेंगलुरु-चेन्नई यात्रा केवल 73 मिनट और बेंगलुरु-हैदराबाद यात्रा लगभग दो घंटे दस मिनट में पूरी करने की योजना है।

केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने उत्तर कर्नाटक में रेल संपर्क मजबूत करने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बताया कि कवच सुरक्षा प्रणाली लागू होने के बाद रेल दुर्घटनाओं की संख्या 135 से घटकर 16 रह गई है। रेलवे का लक्ष्य दुर्घटनाओं को शून्य तक लाना है।एच. डी. कुमारस्वामी ने नई सेवाओं का स्वागत करते हुए कहा कि इससे कर्नाटक के लोगों के साथ बेंगलुरु में रहने वाले पश्चिम बंगाल, असम और बिहार के प्रवासी श्रमिकों तथा उनके परिवारों को भी लाभ मिलेगा।रेल राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने बताया कि कर्नाटक में लगभग 52 हजार करोड़ रुपये की रेलवे बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इनमें लंबित परियोजनाओं को गति देने, रेलवे ओवरब्रिज-अंडरब्रिज निर्माण और स्टेशनों के आधुनिकीकरण पर जोर दिया जा रहा है। यह रहेगा ट्रेन का समयवंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस बेंगलुरु से शाम 7:45 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 11:55 बजे मुंबई पहुंचेगी। वापसी में मुंबई से रात 8:10 बजे चलकर अगले दिन दोपहर 12 बजे बेंगलुरु पहुंचेगी। ट्रेन सप्ताह में छह दिन चलेगी। बेंगलुरु से सोमवार और मुंबई से मंगलवार को सेवा संचालित नहीं होगी।नई सेवा से यात्रियों को रातभर आरामदायक सफर कर अगले दिन अपने गंतव्य पर पहुंचने का अवसर मिलेगा। यह पहल आधुनिक, सुरक्षित और यात्री-केंद्रित रेल नेटवर्क विकसित करने की दिशा में भारतीय रेलवे की महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

















