समस्तीपुर (मोहम्मद जमशेद) घरों में बेकार पड़े मोबाइल फोन, कंप्यूटर, बैटरी और चार्जर यदि सामान्य कचरे में फेंके जा रहे हैं तो यह लापरवाही पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। इलेक्ट्रॉनिक कचरे से होने वाले प्रदूषण और उसके खतरनाक परिणामों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए समस्तीपुर मंडल कार्यालय परिसर में स्काउट एवं गाइड के कैडेट्स ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से विशेष अभियान चलाया। प्रभावशाली प्रस्तुति के जरिए कैडेट्स ने ई-वेस्ट के दुष्प्रभावों को उजागर करते हुए इसके सुरक्षित निस्तारण का संदेश दिया।नुक्कड़ नाटक में कैडेट्स ने बताया कि अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को सामान्य कचरे के साथ फेंकना पर्यावरण के लिए नुकसानदेह है। मोबाइल फोन, कंप्यूटर, बैटरी, चार्जर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में मौजूद हानिकारक तत्व मिट्टी और जल को प्रदूषित कर सकते हैं।

इससे पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने लोगों को आगाह किया कि इलेक्ट्रॉनिक कचरे को खुले में फेंकने या अनुचित तरीके से नष्ट करने के बजाय निर्धारित सुरक्षित प्रक्रिया अपनानी चाहिए। कैडेट्स ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से ई-वेस्ट के अधिकृत संग्रह एवं निस्तारण केंद्रों का उपयोग करने, उपयोगी उपकरणों का पुनः इस्तेमाल करने और खराब इलेक्ट्रॉनिक सामानों के पुनर्चक्रण यानी रीसाइक्लिंग को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने यह भी संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार या किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। कार्यक्रम के दौरान समस्तीपुर रेल परिवार के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। लोगों ने स्काउट एवं गाइड कैडेट्स की प्रस्तुति की सराहना करते हुए उनके जागरूकता संदेश को महत्वपूर्ण बताया।

इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य रेलकर्मियों और आम लोगों में इलेक्ट्रॉनिक कचरे के सुरक्षित प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी का एहसास कराना था। कार्यक्रम के माध्यम से स्वच्छ, सुरक्षित और हरित पर्यावरण के निर्माण के लिए सामूहिक सहभागिता का आह्वान किया गया।













