पटना, 07 नवंबर (पटना डेस्क) स्मैक तस्करों को पकड़ने निकले टाइगर मोबाइल के जवान धनेश्वर यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। गुरुवार रात से लापता जवान का शव शनिवार सुबह दरधा नदी से बरामद होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। जवान की मौत को लेकर हत्या की आशंका जताई जा रही है। आशंका है कि तस्करों के गिरोह ने उनकी हत्या करने के बाद साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव नदी में फेंक दिया। हालांकि, पुलिस ने अभी हत्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। मृतक धनेश्वर यादव मूल रूप से भोजपुर जिले के आरा के रहने वाले थे। पुलिस के अनुसार, गुरुवार रात नगर थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि गया जिले के बेलागंज से एक स्मैक सप्लायर मादक पदार्थ की खेप लेकर जहानाबाद पहुंचने वाला है।

सूचना मिलते ही टाइगर मोबाइल के तीन जवान एसएस कॉलेज के समीप पहुंचे और तस्कर को पकड़ने की कोशिश शुरू की।बताया जाता है कि मौके पर मौजूद सप्लायर और उसके सहयोगियों को पुलिसकर्मियों की भनक लग गई। इसके बाद वहां अफरातफरी मच गई। जवानों ने जैसे ही सप्लायर को दबोचने का प्रयास किया, गिरोह के सदस्यों ने विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच हाथापाई और झड़प होने लगी। इस दौरान दो जवानों ने मुख्य सप्लायर को पकड़ लिया, जबकि उसके अन्य सहयोगी मौके से फरार हो गए।इसी अफरातफरी के बीच धनेश्वर यादव अचानक लापता हो गए। काफी खोजबीन के बावजूद उनका कोई सुराग नहीं मिला।

सूचना पर नगर थाने की पुलिस और टाइगर मोबाइल की टीम घटनास्थल पर पहुंची। छानबीन के दौरान जवान की बाइक लावारिस हालत में मिली। इसके बाद पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की। दो दिनों तक खोजबीन के बाद शनिवार सुबह दरधा नदी में उनका शव उपलाता मिला।एसपी कोटा किरण कुमार ने बताया कि बेलागंज से आए स्मैक सप्लायर को पकड़ने के दौरान जवानों और गिरोह के सदस्यों के बीच झड़प हुई थी। इसी दौरान धनेश्वर यादव लापता हो गए थे। पुलिस ने शव को नदी से निकलवाकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए मामले की जांच की जा रही है।
















