समस्तीपुर, 06 नवंबर (मोहम्मद जमशेद) आपातकाल में जरा सी लापरवाही जान-माल पर भारी पड़ सकती है। आग लगने जैसी अचानक होने वाली घटनाओं से निपटने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शुक्रवार को समाहरणालय परिसर में जिला अग्निशमन कार्यालय की ओर से विशेष मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस दौरान अग्निशमन विभाग की टीम ने आग लगने की काल्पनिक स्थिति पैदा कर बचाव एवं राहत कार्यों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। अभ्यास के जरिए सरकारी कर्मियों को आपदा के समय तत्काल कार्रवाई करने का प्रशिक्षण दिया गया। मॉक ड्रिल में जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा, अपर समाहर्ता ब्रजेश कुमार, सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी, जिला अग्निशमन पदाधिकारी, अग्निशमन विभाग के कर्मी तथा समाहरणालय की विभिन्न शाखाओं के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

अग्निशमन कर्मियों ने आग पर काबू पाने की तकनीक, अग्निशमन उपकरणों के सही इस्तेमाल और आपातकालीन स्थिति में सुरक्षित निकासी की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। साथ ही विभिन्न प्रकार के अग्निशमन यंत्रों के संचालन और उनके प्रभावी उपयोग की जानकारी भी दी गई। इस दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बताया गया कि आग लगने पर घबराने के बजाय धैर्य और सूझबूझ से काम लेना चाहिए। आग की सूचना मिलते ही अग्निशमन दल को तत्काल सूचित करना, सुरक्षित स्थान पर पहुंचना और निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। छोटी सी चूक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने कहा कि आपदा प्रबंधन और अग्नि सुरक्षा के प्रति सतर्कता बेहद महत्वपूर्ण है।

किसी भी आपातकालीन परिस्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पहले से तैयारी, नियमित प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल जरूरी है। ऐसे अभ्यास से अधिकारियों एवं कर्मचारियों में जागरूकता बढ़ती है और वास्तविक आपदा के समय त्वरित तथा समन्वित कार्रवाई करने में मदद मिलती है। उन्होंने समाहरणालय समेत सभी सरकारी कार्यालयों में अग्नि सुरक्षा की आवश्यक व्यवस्था दुरुस्त रखने और सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करने पर जोर दिया। मॉक ड्रिल के माध्यम से कर्मियों को संभावित जोखिम कम करने, सुरक्षित निकासी और व्यवस्थित बचाव कार्यों के प्रति जागरूक किया गया।













