समस्तीपुर, 14 अप्रैल (हर्षिता “अश्क”) जिले के काशीपुर वार्ड-32 स्थित प्लस टू तिरहुत एकेडमी में पुराने हॉस्टल भवन को बिना अनुमति तोड़े जाने का मामला तूल पकड़ लिया है। नगर निगम प्रशासन ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए प्रभारी हेडमास्टर अशोक साह को नोटिस जारी करने का निर्णय लिया है। नगर निगम के कर प्रशाखा के कर दारोगा भूपेंद्र कुमार सिंह के अनुसार, सूचना मिली है कि हॉस्टल भवन को जेसीबी मशीन से ध्वस्त किया गया, लेकिन इसके लिए अनिवार्य एनओसी नहीं ली गई।

उन्होंने इसे बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 और बिहार भवन उपविधि 2014 का सीधा उल्लंघन बताया।नियमों के मुताबिक, किसी भी भवन में तोड़फोड़ या संरचनात्मक बदलाव से पहले नगर निगम को सूचना देना और अनुमति लेना जरूरी होता है। ऐसा न करने पर संबंधित व्यक्ति पर आर्थिक दंड लगाया जाता है, जिसे व्यक्तिगत रूप से वहन करना पड़ता है। बताया जा रहा है कि हॉस्टल तोड़ने के दौरान कई कीमती सामान भी निकाले गए, लेकिन उनकी वर्तमान स्थिति स्पष्ट नहीं है। इसको लेकर भी सवाल उठने लगे हैं और पारदर्शिता पर संदेह जताया जा रहा है।

नगर निगम ने साफ कर दिया है कि यदि नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो सख्त कार्रवाई तय है। इस घटना ने शहर में सरकारी संस्थानों द्वारा नियमों की अनदेखी को लेकर नई बहस छेड़ दी है।















