पटना, 22 अक्टूबर (पटना डेस्क) आरा जिला के सेवानिवृत्त कस्टम अधिकारी सह क्षत्रिय कल्याण संगठन के अध्यक्ष रामकुमार सिंह की हत्या की साजिश पहले से रची गई थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि वारदात को अंजाम देने के लिए अक्टूबर के पहले सप्ताह में ही करीब दो लाख रुपये अग्रिम बतौर सुपारी दिए गए थे। हत्या के बाद से पुलिस ने जांच तेज करते हुए तीन और आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले मनोज सिंह उर्फ लक्की की गिरफ्तारी हो चुकी है।पुलिस सूत्रों के अनुसार, मुख्य शूटर पिंटू ने हत्या की सुपारी ली थी। इसके बाद उसने पवन, नंदन समेत अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर वारदात की योजना तैयार की।

हत्या से पहले कई दिनों तक रामकुमार सिंह की गतिविधियों और आने-जाने के रास्तों की रेकी किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। पुलिस ने मुख्य आरोपित चंदन सिंह, अभिषेक कुमार और टीपू कुमार सिंह को गिरफ्तार किया है। चंदन के घर से काले रंग की थार, एक पिस्टल, एक मैगजीन और दो गोलियां बरामद की गई हैं। वहीं, पिंटू, पवन और अन्य फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। बताया जाता है कि 15 अक्टूबर की सुबह नवादा थाना क्षेत्र के कनकपुरी मोहल्ले में रामकुमार सिंह की हत्या के बाद आरोपित बाइक से फरार हुए थे। पुलिस के अनुसार उनका संभावित रास्ता कतीरा, पकड़ी, मौलाबाग और पुरानी पुलिस लाइन-सलेमपुर रोड रहा।

सीसीटीवी फुटेज में गमछे से चेहरा ढककर बाइक चलाता व्यक्ति पिंटू बताया जा रहा है। बाइक पर दो अन्य सहयोगियों के सवार होने की बात भी सामने आई है। पुलिस को आरोपितों के राज्य से बाहर भागने के संकेत मिले हैं। पिंटू, पवन और उनके सहयोगियों के पहले सिंगही व चंदवा इलाके में रहने की जानकारी भी पुलिस को मिली है। जमीन कब्जाने की नीयत से हत्या का आरोपपुलिस के अनुसार मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सिंगही गांव स्थित जमीन पर दखल-कब्जा करने की नीयत से हत्या की साजिश रची गई। मृतक के पुत्र अमित ने 14 नामजद समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। गिरफ्तार चंदन सिंह के खिलाफ आरा टाउन थाना में तीन और मुफस्सिल थाना में दो पूर्व मामले दर्ज हैं। अब पुलिस सुपारी की रकम, हथियार और फरार शूटरों की भूमिका की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

















