बक्सर, 21 अक्टूबर (विक्रांत) जिले में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने से लेकर विद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं और सांस्कृतिक गतिविधियों को नई गति देने की कवायद तेज हो गई है। जिला पदाधिकारी श्रीमती साहिला की अध्यक्षता में बुधवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में मिशन ज्ञानार्जन, कायाकल्प अभियान, मिशन प्रभाकिरण एवं कला एवं संस्कृति कार्यालय से संबंधित योजनाओं की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में योजनाओं की प्रगति की पड़ताल करते हुए अधिकारियों को प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध क्रियान्वयन का निर्देश दिया गया। मिशन ज्ञानार्जन की समीक्षा के दौरान जिले के विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार, विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता बढ़ाने और शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को प्रभावी बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई।

डीएम ने विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों का नियमित अनुश्रवण करने तथा विद्यार्थियों की प्रगति का समय-समय पर आकलन करने का निर्देश दिया। साथ ही रचनात्मक एवं नवाचार आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। कायाकल्प अभियान के तहत विद्यालयों में स्वच्छता, साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय और अन्य जरूरी आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता एवं रखरखाव की समीक्षा की गई। डीएम ने अधिकारियों को विद्यालयों की जरूरतों का आकलन कर कमियों को दूर करने की दिशा में तत्काल कार्रवाई करने को कहा। विद्यालय परिसर को स्वच्छ, सुरक्षित और विद्यार्थियों के अनुकूल बनाए रखने के लिए नियमित निगरानी पर विशेष जोर दिया गया।

किरण के अंतर्गत संचालित गतिविधियों की समीक्षा करते हुए डीएम ने निर्धारित उद्देश्यों के अनुरूप कार्यों को गति देने का निर्देश दिया। उन्होंने योजनाओं की नियमित निगरानी, विभागीय समन्वय और लंबित कार्यों को समयसीमा के भीतर पूरा करने पर बल दिया। क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने को भी कहा गया। कला एवं संस्कृति कार्यालय की समीक्षा के दौरान जिले की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने, स्थानीय कला एवं विरासत के संरक्षण और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई।

डीएम ने कलाकारों और स्थानीय सांस्कृतिक प्रतिभाओं को उपयुक्त मंच उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। बैठक का स्पष्ट संदेश रहा कि बक्सर में शिक्षा, स्कूल सुविधाओं, विकास योजनाओं और सांस्कृतिक गतिविधियों को केवल कागजों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इनके जमीनी क्रियान्वयन की लगातार निगरानी की जाएगी।















