समस्तीपुर, 21 अक्टूबर (हर्षिता “अश्क”) आगामी 23 अक्टूबर 2026 को होने वाले स्नातक निर्वाचन एवं शिक्षक निर्वाचन को लेकर समस्तीपुर जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। मतदान को स्वच्छ, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने समाहरणालय सभागार में निर्वाचन संबंधी अंतिम तैयारियों की गहन समीक्षा की। बैठक में विभिन्न निर्वाचन कोषांगों की प्रगति की पड़ताल करते हुए अधिकारियों को कई अहम दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह, अपर समाहर्ता ब्रजेश कुमार, अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन राजेश सिंह, उप निर्वाचन पदाधिकारी विनोद कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी प्रवीण कुमार समेत सभी निर्वाचन कोषांगों के नोडल एवं वरीय पदाधिकारी मौजूद रहे।डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया कि 23 अक्टूबर को होने वाले मतदान से पहले सभी लंबित कार्य हर हाल में निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे किए जाएं। मतदान केंद्रों पर मूलभूत सुविधाओं, निर्वाचन सामग्री और मतदान प्रक्रिया से जुड़ी व्यवस्थाओं का भौतिक सत्यापन करने को कहा गया।
किसी भी केंद्र पर कमी मिलने पर उसका तत्काल निराकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। बैठक में मतदान कर्मियों की प्रतिनियुक्ति, प्रशिक्षण, निर्वाचन सामग्री के वितरण तथा मतदान दलों के आवागमन की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए मतदान शुरू होने से पहले सभी प्रक्रियाएं पूरी करने को कहा गया।सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष निगाहनिर्वाचन के दौरान विधि-व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। मतदान केंद्रों पर शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने, पर्याप्त सुरक्षा प्रबंध करने तथा किसी भी आकस्मिक स्थिति से तत्काल निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया।

प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।वहीं, जिला परिवहन पदाधिकारी को चुनाव कार्य में इस्तेमाल होने वाले वाहनों की उपलब्धता और परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। डीएम ने सभी कोषांगों को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करते हुए जिम्मेदारी और पूरी सजगता के साथ दायित्व निभाने को कहा।प्रशासन ने साफ किया कि मतदान की निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए जिला प्रशासन ने सभी स्तरों पर निगरानी और समन्वय बढ़ा दिया है। मतदान के महज दो दिन पहले प्रशासन की इस सक्रियता से चुनावी तैयारियों को अंतिम सुरक्षा कवच मिल गया है।















