समस्तीपुर, 13 अप्रैल (हर्षिता “अश्क”) में ‘भारत की जनगणना 2027’ को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में रोशन कुशवाहा ने समस्तीपुर सदर प्रखंड में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों के लिए आयोजित विशेष प्रशिक्षण सत्र का विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान प्रशासनिक अमला पूरी तरह सक्रिय नजर आया।प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना एक बेहद महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जो देश और राज्य की विकास योजनाओं की रीढ़ होती है।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि डेटा संग्रह के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर जानकारी पूरी सटीकता के साथ दर्ज की जानी चाहिए। जिलाधिकारी ने प्रगणकों को प्रशिक्षण के हर पहलू को गंभीरता से समझने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि एक छोटी सी गलती भी भविष्य की नीतियों को प्रभावित कर सकती है, इसलिए गुणवत्तापूर्ण और त्रुटिरहित आंकड़े जुटाना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
साथ ही पर्यवेक्षकों को निर्देश दिया गया कि वे अपने अधीन कार्यरत प्रगणकों की लगातार निगरानी करें और समय-समय पर मार्गदर्शन देते रहें।प्रशिक्षण के दौरान कर्मियों को डिजिटल माध्यमों और निर्धारित प्रपत्रों के जरिए डेटा दर्ज करने की प्रक्रिया विस्तार से समझाई गई। साथ ही जनगणना से जुड़े तकनीकी पहलुओं, मैपिंग और प्रश्नावली के बारे में भी गहन जानकारी दी गई, ताकि फील्ड में किसी तरह की परेशानी न हो।

इस मौके पर जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), मास्टर ट्रेनर्स और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर इस महाअभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया।अंत में जिलाधिकारी ने भरोसा जताया कि सभी कर्मी अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समयबद्धता के साथ निभाएंगे, जिससे ‘जनगणना 2027’ को सफलतापूर्वक पूरा किया जा सके।















