• Home
  • स्वास्थ्य
  • टीबी पर नालंदा का बड़ा वार: घर-घर स्क्रीनिंग अभियान, 1.12 लाख से अधिक लोगों की हुई जांच
Image

टीबी पर नालंदा का बड़ा वार: घर-घर स्क्रीनिंग अभियान, 1.12 लाख से अधिक लोगों की हुई जांच

नालंदा, 14 जुलाई (अविनाश पांडेय) नालंदा जिले को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य के साथ स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक स्तर पर विशेष स्क्रीनिंग अभियान तेज कर दिया है। जिले के सभी प्रखंडों में चल रहे टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार लोगों की जांच कर रही हैं। अभियान का मुख्य उद्देश्य टीबी रोगियों की समय पर पहचान, शीघ्र उपचार और संक्रमण की श्रृंखला को तोड़कर जिले को टीबी मुक्त बनाना है। सिविल सर्जन ने बताया कि जिले के सभी प्रखंडों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रतिदिन विभिन्न सार्वजनिक स्थलों, गांवों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों की टीबी स्क्रीनिंग कर रही हैं। अभियान के तहत प्रतिदिन 26,450 लोगों की जांच का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए स्वास्थ्यकर्मी, आशा कार्यकर्ता, एएनएम तथा अन्य चिकित्सा दल समन्वित रूप से कार्य कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि 2 जुलाई 2026 से शुरू हुए इस विशेष अभियान के तहत अब तक 1,12,248 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग की जा चुकी है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि यह उपलब्धि विभाग की लगातार मेहनत और आम लोगों के सहयोग का सकारात्मक परिणाम है। वहीं, 13 जुलाई 2026 को जिले के सभी प्रखंडों में 12,038 लोगों की स्क्रीनिंग कर संभावित मरीजों की पहचान की गई।स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि टीबी का समय पर पता चलने पर इसका इलाज पूरी तरह संभव है। इसलिए स्क्रीनिंग अभियान के दौरान संदिग्ध मरीजों की तत्काल जांच कर उन्हें आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे संक्रमण के फैलाव को रोकने में भी मदद मिलेगी।

जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक लगातार खांसी, बुखार, तेजी से वजन घटना या रात में अत्यधिक पसीना आने जैसी समस्याएं हों तो इसे नजरअंदाज न करें। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत अपने निकटतम सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर निःशुल्क टीबी जांच कराएं।प्रशासन का कहना है कि जनजागरूकता, समय पर जांच और उपचार के साथ-साथ आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से ही टीबी मुक्त नालंदा और टीबी मुक्त भारत का सपना साकार किया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर सहयोग करने और दूसरों को भी जागरूक करने की अपील की है।

Releated Posts

नहीं होगी इलाज में देर : नालंदा सदर अस्पताल में शुरू होगी अत्याधुनिक ICU सेवा, गंभीर मरीजों को मिलेगी नई जिंदगी

नालंदा, 29 जून (अविनाश पांडेय) नालंदा जिले के मरीजों के लिए बड़ी राहत की खबर है। लंबे इंतजार…

आपातकालीन सेवा पर संकट: डॉक्टरों की भारी कमी से जूझ रहा अनुमंडलीय अस्पताल, जख्म प्रतिवेदन बनाना भी बना चुनौती

बक्सर, 11 जून (विक्रांत) सात प्रखंडों के लाखों लोगों की स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र माने जाने वाले…

बत्ती गुल, ऑक्सीजन ठप और नवजात की अटकी सांसें: डुमरांव अस्पताल में मचा हड़कंप, प्रभारी अस्पताल प्रबंधक निलंबित

बक्सर, 10 जून (विक्रांत) अनुमंडलीय अस्पताल डुमरांव में बिजली आपूर्ति बाधित होने और ऑक्सीजन सप्लाई ठप पड़ने से…

कोविड के बाद नया खतरा: युवाओं में तेजी से खराब हो रही कूल्हे की हड्डी, डॉक्टरों ने दी बड़ी चेतावनी

नई दिल्ली, 25 मई (अशोक “अश्क”) कोरोना महामारी भले ही खत्म हो चुकी हो, लेकिन उसके दुष्प्रभाव अब…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top