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साहित्य

ज़माने भर को यूँ हैरत में डाल रख्खा है

आज साहित्यिक आंगन में मध्यप्रदेश, भोपाल की सुप्रसिद्ध कवयित्री अलका “राज” अग्रवाल की एक ग़ज़ल .ज़माने भर को…

ByByअशोक अश्क अप्रैल 12, 2026

दिल को क्या अब कभी आराम नहीं आएगा

आज साहित्यिक आंगन में उस्ताद सय्यद मंसूर कमाल साहब के शागिर्द उत्तर प्रदेश, बहराइच के सुप्रसिद्ध शायर बशीर…

ByByअशोक अश्क अप्रैल 11, 2026

बज़्मे मोहब्त को सजाने निकले

साहित्यिक आंगन में आज उत्तर प्रदेश बिजनौर की सुप्रसिद्ध शायरा अफ़रोज़ अज़ीज़ जी की ग़ज़ल दिल के सोये…

ByByअशोक अश्क अप्रैल 10, 2026

मां का घर भी

आज सहितिक आंगन में बालाघाट, मध्यप्रदेश के सुप्रसिद्ध कवि अशोक सिहांसने “असीम” जी की एक ग़ज़ल गाँवों में…

ByByअशोक अश्क अप्रैल 9, 2026
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सरसी छंद

आज साहित्यिक आंगन गीत गुंजन में राजस्थान, जयपुर की सुप्रसिद्ध कवयित्री अनामिका कली जी की एक छंद जीवन…

ByByअशोक अश्क मई 12, 2026

जब डूबने लगूं तो किनारा मिले मुझे

आज साहित्यिक आंगन गीत गुंजन में बंगाल, आसनसोल से सुप्रसिद्ध शाइरा ग़ज़ाला तबस्सुम जी की एक ग़ज़ल पहले…

ByByअशोक अश्क मई 11, 2026
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