नई दिल्ली, 07 अगस्त (अशोक “अश्क”) अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत एक बार फिर अपने बयानों को लेकर चर्चा में हैं। कुछ दिन पहले छात्र प्रदर्शन और ‘जेन Z’ (Gen Z) को लेकर तीखी टिप्पणी करने वाली कंगना ने अब अपने सुर बदलते हुए देश के युवाओं की खुलकर तारीफ की है। उनके ताजा बयान के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में नई बहस शुरू हो गई है। एक समाचार एजेंसी से बातचीत में कंगना रनौत ने कहा कि “जेन Z हमारे देश की सबसे बड़ी ताकत और एक महत्वपूर्ण संपत्ति है। हमें खुशी है कि देश के युवा हमारी संस्कृति और पहचान के एंबेसडर बनकर उभर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी भारतीय संस्कृति और परंपराओं को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है, जो देश के लिए सकारात्मक संकेत है।

हिमाचल प्रदेश के मंडी से सांसद कंगना ने आगे कहा कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत के विचारों को सुनने का अवसर मिला है। उनके अनुसार, युवाओं का भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ना देश के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है और यह बेहद संतोष की बात है। हालांकि, कंगना का यह बयान उनके हालिया विवादित बयानों से बिल्कुल अलग माना जा रहा है। इससे पहले उन्होंने छात्र प्रदर्शन से जुड़े कुछ वीडियो साझा करते हुए कुछ प्रदर्शनकारियों और महिलाओं की भाषा और व्यवहार की तीखी आलोचना की थी। उन्होंने ‘जेन Z’ के एक वर्ग को “जेनरेशन गटर” कहकर संबोधित किया था और आरोप लगाया था कि वे पश्चिमी सोच से प्रभावित होकर भारतीय संस्कृति के विपरीत आचरण कर रहे हैं। उनके इन बयानों पर सोशल मीडिया पर व्यापक प्रतिक्रिया देखने को मिली थी।

अब कंगना के बदले रुख को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। समर्थक इसे युवाओं के प्रति सकारात्मक संदेश बता रहे हैं, जबकि आलोचक उनके पुराने और नए बयानों की तुलना कर सवाल उठा रहे हैं। फिल्मी मोर्चे पर भी कंगना हाल ही में रिलीज हुई फिल्म “भारत भाग्य विधाता” को लेकर चर्चा में रहीं। मनोज टपाडिया के निर्देशन में बनी यह फिल्म 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के दौरान कामा अस्पताल के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के साहस पर आधारित है। हालांकि, समीक्षकों की सराहना मिलने के बावजूद फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर सकी।

















