नालंदा, 25 मई (अविनाश पांडेय) नालंदा और आसपास के इलाकों के लिए रेल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में बड़ी खुशखबरी सामने आई है। रेल मंत्रालय ने बौद्ध एवं जैन सर्किट को आपस में जोड़ने और स्थानीय व्यापार को नई रफ्तार देने के उद्देश्य से तीन महत्वाकांक्षी रेल परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी है। चालू वित्तीय वर्ष के बजट में इन परियोजनाओं के सर्वे और निर्माण के लिए आवश्यक फंड की व्यवस्था भी कर दी गई है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद बिहारशरीफ, नवादा, जहानाबाद और बोधगया के बीच रेल संपर्क मजबूत हो जाएगा।

सबसे महत्वपूर्ण पावापुरी-नवादा रेल परियोजना है, जिसकी लंबाई 34 किलोमीटर होगी। ड्रोन और गूगल अर्थ सर्वे पूरा होने के बाद रेल मंत्रालय से अंतिम मंजूरी मिल चुकी है। इस परियोजना के लिए चालू वित्तीय वर्ष में 492.14 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस रेल लाइन के जरिए पावापुरी और राजगीर को सीधे नवादा से जोड़ा जाएगा, जिससे जैन और बौद्ध श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा मिलेगी। इस मार्ग पर तीन मुख्य स्टेशन, दो बड़े और 17 छोटे पुल बनाए जाएंगे।दूसरी बड़ी परियोजना इस्लामपुर से मानपुर होते हुए बोधगया तक रेल लाइन बिछाने की है।

लगभग 50 किलोमीटर लंबी इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 1000 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस रेलखंड के बनने से नालंदा और बोधगया के बीच की दूरी लगभग 20 किलोमीटर कम हो जाएगी। इस मार्ग पर 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनों के संचालन की योजना बनाई गई है। परियोजना में आठ स्टेशन और चार हॉल्ट प्रस्तावित हैं। तीसरी परियोजना बिहारशरीफ-जहानाबाद वाया एकंगरसराय रेल लाइन है, जिसकी लंबाई लगभग 65 किलोमीटर होगी। इस परियोजना का सर्वे अंतिम चरण में है। योजना के तहत बिहारशरीफ, एकंगरसराय और जहानाबाद को बड़े जंक्शन के रूप में विकसित किया जाएगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार इन परियोजनाओं के पूरा होने से बोधगया, राजगीर और पावापुरी आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों को बेहतर यात्रा सुविधा मिलेगी, वहीं व्यापार, कृषि और रेशम उद्योग को भी बड़ा लाभ पहुंचेगा।

















