नई दिल्ली,25 मई (अशोक “अश्क”) भारतीय रेलवे में 1 जून से बड़ा प्रशासनिक फेरबदल होने जा रहा है। दक्षिण मध्य रेलवे (SCR) के मौजूदा छह डिवीजनों का पुनर्गठन कर अब उन्हें तीन प्रमुख डिवीजनों सिकंदराबाद, हैदराबाद और नांदेड़ तक सीमित किया जा रहा है। इसके साथ ही विशाखापट्टनम मुख्यालय वाले नए ‘दक्षिण तटीय रेलवे ज़ोन’ का औपचारिक संचालन भी शुरू हो जाएगा। रेलवे के इस बड़े बदलाव को परिचालन व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।जानकारी के अनुसार विजयवाड़ा, गुंटूर और गुंतकल डिवीजनों को नए दक्षिण तटीय रेलवे ज़ोन के अधीन स्थानांतरित किया जा रहा है। इससे रेलवे के संचालन, सिग्नलिंग और प्रशासनिक व्यवस्था में व्यापक बदलाव देखने को मिलेंगे।

अधिकारियों का कहना है कि पुनर्गठन के बाद सिकंदराबाद डिवीजन का कार्यक्षेत्र काफी बढ़ जाएगा, जिससे ट्रेनों के परिचालन और नियंत्रण की जिम्मेदारी भी बढ़ेगी। रेलवे बोर्ड ने नए ढांचे के तहत सिग्नलिंग और स्टेशन संचालन में बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की है। खासतौर पर डिवीजनल कंट्रोल रूम की भूमिका को और अधिक संवेदनशील माना जा रहा है, क्योंकि ट्रेनों की आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्था पर सीधा असर पड़ेगा। नए दक्षिण तटीय रेलवे ज़ोन को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए रेलवे बोर्ड ने 128 राजपत्रित और 1100 गैर-राजपत्रित पदों को मंजूरी दी है।

इसके अलावा दक्षिण मध्य रेलवे से बड़ी संख्या में कर्मचारियों और अधिकारियों का तबादला भी किया गया है। सूत्रों के अनुसार महाप्रबंधक सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति पूरी हो चुकी है और 300 से अधिक कर्मचारी नए ज़ोन में अपनी जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस बदलाव से परिचालन क्षमता बढ़ेगी, यात्री सुविधाओं में सुधार होगा और रेलवे नेटवर्क का बेहतर प्रबंधन संभव हो सकेगा।















