पटना, 20 मई (अविनाश कुमार) बिहार में शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 को लेकर लाखों अभ्यर्थियों के बीच असमंजस और बेचैनी लगातार बढ़ती जा रही है। सोशल मीडिया पर भर्ती प्रक्रिया, पदों की संख्या और नियमों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। इस बीच राज्य सरकार और शिक्षा विभाग ने अभ्यर्थियों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और आधिकारिक सूचना का इंतजार करने की अपील की है। बिहार सरकार का कहना है कि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर तैयारी चल रही है और जल्द ही स्थिति स्पष्ट की जाएगी। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने उम्मीदवारों से संयम बनाए रखने और अपनी तैयारी जारी रखने को कहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करें।दरअसल, पिछले दो वर्षों में बिहार में शिक्षक भर्ती को लेकर बड़े स्तर पर अभियान चलाया गया।

सरकार के मुताबिक TRE-1, TRE-2 और TRE-3 के जरिए करीब 2.27 लाख शिक्षकों की नियुक्ति की गई।BPSC TRE-1 के तहत लगभग 1.70 लाख पदों पर भर्ती निकाली गई थी। इसकी परीक्षा 24, 25 और 26 अगस्त 2023 को हुई थी, जबकि परिणाम अक्तूबर से नवंबर 2023 के बीच जारी किए गए। इसके बाद TRE-2 में 69 हजार पदों के लिए 7 से 15 दिसंबर 2023 तक परीक्षा हुई और रिजल्ट दिसंबर 2023 से जनवरी 2024 के बीच जारी हुआ।वहीं TRE-3 के तहत 87,774 पदों के लिए परीक्षा 19 से 22 जुलाई 2024 तक आयोजित की गई थी। इसका परिणाम नवंबर 2024 से मार्च 2025 के बीच जारी किया गया। इन तीन चरणों की भर्ती के बाद अब अभ्यर्थियों की निगाहें TRE-4 पर टिक गई हैं। सूत्रों और विभिन्न रिपोर्ट्स के मुताबिक TRE-4 के जरिए करीब 44 हजार शिक्षक पदों पर भर्ती की संभावना जताई जा रही है।

हालांकि अभी तक बिहार लोक सेवा आयोग की ओर से कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है। यही वजह है कि उम्मीदवारों में भ्रम और बेचैनी बनी हुई है। शिक्षा विभाग ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे केवल BPSC की आधिकारिक वेबसाइट और सरकारी सूचना पर ही भरोसा करें। साथ ही परीक्षा की तैयारी जारी रखें और अपने जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखें। TRE-4 विवाद का मुख्य कारण भर्ती प्रक्रिया में हो रही देरी और नियमों को लेकर बना असमंजस माना जा रहा है। अब लाखों अभ्यर्थी बेसब्री से आधिकारिक विज्ञापन जारी होने और नई शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।

















