बेतिया, 01 मई (विनय कुमार गुप्ता) बिहार में पुलिस की कार्यशैली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। बारात में जा रही रॉक पार्टी के वाहन चालक से कथित रूप से पैसे लेने का वीडियो वायरल होते ही प्रशासन हरकत में आ गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. शौर्य सुमन ने कड़ा एक्शन लेते हुए पुलिस अवर निरीक्षक जनार्दन पांडेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही गश्ती दल में शामिल होमगार्ड जवान बलिराम महतो और पन्नालाल चौधरी के अप्रैल माह के वेतन पर रोक लगा दी गई है। घटना का वीडियो इंटरनेट पर सामने आने के बाद पुलिस महकमे में खलबली मच गई।

पुलिस के मीडिया सेल प्रभारी विश्व मोहन चौधरी ने बताया कि 28 अप्रैल को यह वीडियो संज्ञान में आया, जिसमें गश्ती दल पर पैसे लेने का आरोप लगाया गया था। इसके बाद तत्काल जांच शुरू कर दी गई। करीब तीन मिनट 22 सेकंड के वायरल वीडियो में पुलिस की गाड़ी सड़क किनारे खड़ी नजर आती है। कुछ पुलिसकर्मी वाहन पर बैठे हैं, जबकि एक जवान राइफल के साथ बाहर खड़ा दिखाई देता है। थोड़ी दूरी पर बारात में जा रही रॉक पार्टी की गाड़ी खड़ी है। वीडियो बनाने वाला व्यक्ति आरोप लगाता है कि चालक से ‘खर्चा-पानी’ मांगा गया।

वीडियो में चालक यह भी कहता सुनाई देता है कि उसे 15-20 मिनट से रोका गया है और पैसे देने का दबाव बनाया जा रहा है। एक शख्स के पैसे देते हुए दृश्य भी नजर आते हैं, जिसने मामले को और गंभीर बना दिया। मामले की जांच के बाद एसपी डॉ. शौर्य सुमन ने तुरंत सख्त कदम उठाया। सदर वन एसडीपीओ विवेक दीप ने पहले ही स्पष्ट किया था कि वीडियो की सत्यता की जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई होगी। जांच पूरी होते ही संबंधित अधिकारी पर गाज गिर गई। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में स्पष्ट संदेश गया है कि किसी भी तरह की लापरवाही या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग ने संकेत दिए हैं कि आगे भी इस तरह के मामलों में कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
















