बक्सर, 07 जुलाई (विक्रांत) पूर्व मध्य रेल ने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में आय और यात्री संख्या के मामले में शानदार प्रदर्शन करते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया है। अप्रैल से जून 2026 के बीच यात्री यातायात, माल ढुलाई और अन्य स्रोतों से लगभग 8 हजार करोड़ रुपये की प्रारंभिक आय अर्जित हुई है। रेलवे के इस दमदार प्रदर्शन ने न सिर्फ राजस्व के नए रिकॉर्ड बनाए हैं, बल्कि परिचालन क्षमता और सेवा विस्तार की सफलता भी साबित की है।रेलवे के आंकड़ों के अनुसार, पहली तिमाही में 6 करोड़ 65 लाख यात्रियों ने पूर्व मध्य रेल के विभिन्न स्टेशनों से यात्रा शुरू की। यात्री यातायात से 1,438 करोड़ रुपये की आय हुई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 14.44 प्रतिशत अधिक है।

इसमें आरक्षित टिकट (पीआरएस) से 924 करोड़ रुपये की आय दर्ज की गई, जो 11.39 प्रतिशत की वृद्धि है, जबकि अनारक्षित टिकट (नॉन-पीआरएस) से 514 करोड़ रुपये की आय हुई, जिसमें 20.37 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई।रेलवे की सहायक आय के स्रोतों में भी जबरदस्त उछाल देखने को मिला। पार्किंग से प्राप्त राजस्व 86.41 प्रतिशत बढ़कर 12.62 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं, नॉन-फेयर रेवेन्यू 5.09 करोड़ रुपये से बढ़कर 6.55 करोड़ रुपये हो गया, जो 26.28 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। कैटरिंग सेवाओं से भी 8.68 करोड़ रुपये की आय हुई, जिसमें पिछले वर्ष की तुलना में 5.08 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।टिकट जांच अभियान में भी पूर्व मध्य रेल ने प्रभावी प्रदर्शन किया।

पहली तिमाही में 10.50 लाख टिकट जांच मामले दर्ज किए गए, जो पिछले वर्ष के 9.87 लाख मामलों की तुलना में 6.35 प्रतिशत अधिक हैं। इन अभियानों के जरिए 73 करोड़ रुपये की वसूली हुई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 15.11 प्रतिशत ज्यादा है। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि यात्रियों की बढ़ती संख्या, बेहतर सेवाएं, प्रभावी टिकट जांच, राजस्व संग्रह की नई रणनीतियां और माल ढुलाई में निरंतर सुधार के कारण यह उपलब्धि हासिल हुई है। यदि यही रफ्तार बरकरार रही तो चालू वित्तीय वर्ष के अंत तक पूर्व मध्य रेल आय और यात्री सेवा के क्षेत्र में कई नए रिकॉर्ड कायम कर सकता है।
















